पसमांदा समाज के जज़्बातों में डूबी विदाई — रेयाज़ुल हक़ अंसारी साहब को नम् आँखों से दी गई आख़िरी रुख़्सती

नारी खुर्द, ज़िला वैशाली (बिहार), 8 नवम्बर 2025:
आज नारी खुर्द की मिट्टी ने अपने एक सच्चे सपूत, लोकप्रिय समाजसेवी और पसमांदा विचारधारा के अग्रिम पंक्ति के नेता रेयाज़ुल हक़ अंसारी साहब को हमेशा के लिए खो दिया।
उनके नमाज़-ए-जनाज़ा में बिहार ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र से भी अनेक सामाजिक और बौद्धिक हस्तियों ने शिरकत की। इस अवसर पर महाराष्ट्र के प्रसिद्ध पसमांदा चिंतक, लेखक एवं निर्देशक इरफान अली जामियावाला भी मौजूद रहे। उन्होंने रेयाज़ुल हक़ साहब की मग़फ़िरत और ऊँचे दर्जात के लिए विशेष दुआ की और कहा कि
“रेयाज़ुल हक़ साहब जैसे लोग समाज की आवाज़ होते हैं, उनकी कमी कभी पूरी नहीं की जा सकती।”
इस मौके पर आसपास के गाँवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुँचे। अनुमानतः लगभग 1400 लोगों ने नमाज़-ए-जनाज़ा अदा की और नम् आँखों से अपने प्यारे समाजसेवी को विदा किया।
उनका जीवन समाज के पिछड़े, गरीब और वंचित तबके की सेवा को समर्पित रहा। आज पूरा इलाक़ा ग़मगीन है, लेकिन उनके विचार और संघर्ष हमेशा लोगों को राह दिखाते रहेंगे।
इन्ना लिल्लाही वा इन्ना इलैहि राजिऊन।
इरफान जामियावाला
