संविधान की प्रस्तावना पढ़कर एक दूजे के हुए दूल्हा दुल्हन
संविधान की प्रस्तावना पढ़कर एक दूजे के हुए दूल्हा दुल्हन
बगैर पंडित के हुई अनोखी शादी का खूब हो रहा वीडियो वायरल
महुआ। रेणु सिंह
नहीं पड़ा सिंदूर और नहीं हुई अन्य विधान। बिना पंडित के ही संविधान की प्रस्तावना से दूल्हा दुल्हन की हो गई शादी। बगैर पंडित के द्वारा मंत्र जाप किए हुई यह अनोखी शादी की चर्चा खूब हो रही है। यह शादी महुआ के छतवारा रायभान में हुई।
यहां गांव में चंदेश्वर राम की पुत्री पूजा कुमारी की शादी महुआ थाने के ही कुशहर खास निवासी हरेंद्र राम के पुत्र शशि भूषण कुमार के साथ बौद्धिक रीति रिवाज के साथ हुई। संविधान की प्रस्तावना से विवाह संपन्न कराने वाले दूल्हा के चाचा गजेंद्र राम ने बताया कि यह शादी बौद्धिक रीति रिवाज के साथ हुई जिसमें बारात पहुंचने के बाद पहले गौतम बुद्ध की वंदना की गई। फिर भारतीय संविधान की प्रस्तावना से वर वधु को संकल्प कराया गया। इसमें पहले वर और फिर वधु को संकल्प कराने के बाद दोनों के एक साथ संविधान की प्रस्तावना को पढ़ाकर संकल्प कराने के बाद जयमाला कराई गई। फिर इसी के साथ शादी संपन्न हो गई। हालांकि बारात में आए बारातियों का स्वागत हुआ और उन्हें भोजन भात भी कर कर विदा किया गया। संविधान की प्रस्तावना के साथ हुई वर वधु की शादी का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
