प्राणपुर में अष्टयाम यज्ञ का शुभारंभ—251 कन्याओं द्वारा कलश शोभा यात्रा ।
प्राणपुर में अष्टयाम यज्ञ का शुभारंभ—251 कन्याओं द्वारा कलश शोभा यात्रा ।
_रिपोर्ट: नागेंद्र कुमार/सुधीर मालाकार_
पातेपुर (वैशाली) — प्राणपुर गाँव में सोमवार की भोर सनातन स्वरों में सराबोर हो गई ,जब ब्रह्मस्थान परिसर में प्रस्तावित 24 घंटे के अखंड अष्टयाम यज्ञ के पूर्व कलश-शोभा यात्रा निकली। डभैच्छ स्थित बाबा देवेश्वरनाथ शिव मंदिर प्रस्थान-बिंदु बना, जहाँ पहलेजा से टैंकर द्वारा लाया गया गंगाजल आचार्यों के वैदिक मंत्रों से शुद्ध किया गया। इसके बाद 251 कुंवारी कन्याएँ, सिर पर मंगल कलश, पीत-पाट और फूल-मालाओं से सजी वेशभूषा में, बैंड-बाजे और ढोल-नगाड़ों की थाप पर कतारबद्ध निकलीं। सात किलोमीटर लम्बी पद-यात्रा पूरे गाँव को भक्ति-परिक्रमा में बदल गई—दोनों ओर स्त्री-पुरुष, वृद्ध-बालक हाथ में दीप-पुष्प लिए जयकार करते चले।
यज्ञस्थल पहुँचने पर कलशों की प्रतिष्ठा हुई और मंडप में “जय सीताराम, जय जय सीताराम” महामंत्र का निरंतर जाप आरम्भ हो गया। यज्ञीय अग्नि प्रज्वलित होते ही पूरा प्राणपुर आध्यात्मिक तरंग में डूबा। आयोजकों ने बताया कि 17 मार्च को पूर्णाहुति के साथ यज्ञ का समापन होगा, और उसी रात्रि प्रसिद्ध व्यास के मुख से विवाह-संकीर्तन की सुमधुर प्रस्तुति ग्रामवासियों को भक्ति-स्मृति से भाव-विभोर करेगी। तैयारियों में पूरा गाँव स्वयंसेवी भाव से जुटा है।
