वैशाली विद्यालय महुआ की थी दशम की छात्रा छात्रा की मौत से परिजनों में मचा कोहराम,
सर्पदंश से छात्रा की मौत
वैशाली विद्यालय महुआ की थी दशम की छात्रा
छात्रा की मौत से परिजनों में मचा कोहराम, घटना चकमजाहिद चौक स्थित चक्काजीनिजाम गांव का
महुआ, नवनीत कुमार
घर में भाई और बहन के साथ पलंग पर सोई मैट्रिक की छात्रा को एक विषैले सांप ने डस लिया। जिससे उसकी मौत शुक्रवार को तड़के हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया।
घटना गुरुवार की आधी रात लगभग 12:30 बजे महुआ देसरी मार्ग अवस्थित चकमजाहिद चौक के पास घटी। मृतिका 15 वर्षीया आंचल कुमारी फुलवरिया पंचायत के चक्काजीनीजाम वार्ड 12 निवासी उमेश चौधरी की पुत्री थी और वह दशम में पढ़ रही थी। बताया जा रहा है कि वह घर के कमरे में एक पलंग पर भाई और बहन के साथ सोई हुई थी। इसी बीच विषैले सांप ने उसे कमर के पास डस लिया। पहले तो लगा कि कोई कीड़ा काटा है। जिससे उसे कमर के पास जलन महसूस हो रही है। उसने घरवालों को यह जानकारी दी।
घरवाले उठे और उसे झाड़-फूंक के लिए ओझा के पास ले गए। झाड़-फूंक में अधिक समय बीत जाने के कारण आंचल की स्थिति बिगड़ गई। तब लोग उसे सर्प दंश निवारण स्थान मुजफ्फरपुर ले गए। जहां डॉक्टर ने उसे इलाज के लिए भर्ती लेने से इनकार करते हुए मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद लोग उसे वापस घर ले आए। इधर आंचल की मौत की सूचना जैसे ही लोगों को मिली उसे देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। सूचना पर फुलवरिया पंचायत के मुखिया सुकेश्वर दास सरपंच राजेंद्र राय आदि के साथ पहुंचे और घटना पर दुख जताते हुए मृतिका के परिजन को कबीर अंत्येष्टि के तहत 3 हजार रुपए दिए।
चार बहन और एक भाई में तीसरी थी आंचल:
मृतिका आंचल कुमारी चार बहन और एक भाई में तीसरे स्थान पर थी। बड़ी बहन अंजलि की शादी हो चुकी है। जबकि भाई आशीष, बहन आरती और सलोनी अभी नाबालिग हैं और वह पढ़ाई कर रहे हैं। पिताजी उमेश चौधरी ताड़ चढ़ने का काम करते हैं और उसी से उनका घर परिवार चलता है। आंचल महुआ के वैशाली विद्यालय में पढ़ रही थी। आंचल की मौत से मां प्रमिला देवी तो विक्षिप्त सी हो गई है। बेटी के शव पर विलाप कर रोए जा रही थी। बहन और भाई तो काफी सदमे में थे। माता पिता आंचल के लिए कई सपने संजोए रखे थे। लोगों ने बताया कि चूहे को पकड़ने के लिए विषधर घर में चला आया और आंचल को डस लिया। यह भी बताया गया कि झाड़-फूंक में देर होने कारण आंचल की जान चली गई। अगर ऐन मौके पर उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जाता तो वह बच सकती थी। घटना पर लोगों ने गहरी संवेदना व्यक्त की और यह सूचना पदाधिकारियों को भी दी गई।
