यूरिया की किल्लत से फसलों की अच्छी उपज पर लग सकता है ग्रहण
यूरिया की किल्लत से फसलों की अच्छी उपज पर लग सकता है ग्रहण
सुबह से शाम तक बगैर खाना पानी के ही बिस्कोमान पर डटे रहने के बावजूद खाद मिलने से हो जा रहे वंचित
महुआ, नवनीत कुमार
तस्वीर में जो यह लंबी कतार देख रहे हैं, वह कोई चुनाव में वोट गिराने के लिए मतदाताओं की नहीं। बल्कि यूरिया लेने के लिए किसानों की है। किसानों के लिए इस समय यूरिया की निहायत जरूरी है। जबकि इसकी किल्लत उनके लिए बड़ी समस्या बनकर खड़ी हो रही है। यूरिया की किल्लत से अच्छी उपज लेने में किसान अक्षम साबित होंगे।
मंगलवार को भी बिस्कोमान पर एक सुबह से किसानों की भीड़ यूरिया लेने के लिए जमी रही। जबकि शाम तक कुछ किसानों को यह हासिल तो हुआ लेकिन अधिकतर को पुनः वापस होकर जाना पड़ा। इससे किसानों में गुस्सा भी उभर रहा है। उनका कहना है कि वह लोग कर्ज में पूंजी लेकर खेती की है। कुछ किसानों ने तो अपने घर परिवार की महिलाओं का गहने गिरवी रख खेती की है। ताकि उस पूंजी से अच्छी उपज लेकर उसे छुरा लेंगे। जबकि यूरिया खाद की किल्लत से उनके मंसूबे पर पानी फिरता दिख रहा है। यहां पंचमुखी चौक स्थित बिस्कोमान पर यूरिया के लिए एक सुबह से शाम तक खड़े किसानों ने बताया कि सिंचाई करने के बाद फसल में यूरिया देना जरूरी है। नहीं तो खेती में लगाई गई पूंजी भी समाप्त हो जाएगी। वह दिन भर यहां खड़े तो रहे लेकिन यूरिया खाद नहीं मिल पाई। किसानों का कहना है कि बिस्कोमान संचालक की गड़बड़ी के कारण किसान परेशान हो रहे हैं। उनके द्वारा व्यवस्थित तरीके से कार्य नहीं करने से यूरिया नहीं मिल रही है। यहां 10 किलोमीटर से 15 किलोमीटर दूर के पहुंचे किसान यूरिया नहीं मिलने के कारण मायूस दिखे। किसानों की भीड़ को देखकर बिस्कोमान संचालक रूबी प्रवीण भाग खड़ी होती है। किसानों का कहना है कि यहां व्यवस्थित तरीके से अगर किसानों में यूरिया का वितरण किया जाता तो शायद यह नौबत नहीं आती। किसान जब खाद लेने के लिए कहते हैं तो बिस्कोमान संचालक तमतमा जाती हैं और भाग खड़ी होती हैं। बहरहाल यूरिया की कमी किसानों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। इस बार खेती के लिए मौसम अनुकूल है तो खाद मिलना मुश्किल हो रहा है यहां न तो किसी पैक्स में यूरिया उपलब्ध है नहीं खुले बाजार में। किसान अगर खुले दुकान से यूरिया की मांग करते हैं तो पिछले दरवाजे से उन्हें ऊंची कीमत देनी पड़ती है। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के ललित कुमार घोष, विश्वनाथ साहू, रामपुकार राय आदि ने बताया कि प्रशासन किसानों की समस्याओं को देखें और यूरिया की किल्लत दूर करें। उन्होंने यह भी बताया कि अगर शीघ्र ही यूरिया की किल्लत दूर नहीं होती है तो उनका धरना प्रदर्शन शुरू होगा। उनका यह भी कहना है कि किसानों को इस समय खाना खाने के लिए समय मिलना मुश्किल होता है। जबकि यूरिया लेने के लिए वे पूरा तीन गवा देते हैं।
