महुआ थाना अध्यक्ष के खिलाफ निकाला आक्रोश मार्च
महुआ थाना अध्यक्ष के खिलाफ निकाला आक्रोश मार्च
थाने पर दलालों का अड्डा बनाने, जनप्रतिनिधियों के साथ दुर्व्यवहार करने सहित कई संगीन आरोप लगाते हुए किया पुतला दहन, उपसभापति के नेतृत्व में निकली आक्रोश मार्च में शामिल हुए महुआ के युवा वर्ग
महुआ। रेणु सिंह
महुआ थाने पर दलालों का अड्डा बनाने, जनप्रतिनिधियों को सम्मान नहीं देने, दारू बालू के चक्कर में रहने, शिकायतकर्ता को थाने पड़ते डांट कर भगाने, लूट, चोरी, छींतई सहित विभिन्न अपराधिक घटनाओं में हुई वृद्धि, पुलिस अपराधी गठजोड़ आदि कई संगीन आरोप लगाते हुए भ्रष्टाचार विरोधी संघर्ष मोर्चा द्वारा सोमवार को महुआ थानाध्यक्ष के खिलाफ आक्रोश मार्च निकाला। इसके साथ ही उन्होंने एक सभा की और थानाध्यक्ष के साथ दलालों का संयुक्त रूप से थाने के पास ही पुतला फूंका।
यह आक्रोश मार्च यहां गांधी मैदान से भ्रष्टाचार विरोधी संघर्ष मोर्चा के और उपसभापति रोमी यादव के नेतृत्व में निकाली गई। मार्च गांधी मैदान से प्रखंड कार्यालय और गोला रोड से बच्चन शर्मा स्मारक पहुंची। उसके बाद मुजफ्फरपुर रोड से होकर गांधी स्मारक से समस्तीपुर रोड, पातेपुर रोड होकर वाया नदी सड़क पुल होते हुए जवाहर चौक से पुराना बाजार होते हुए दूसरी मार्ग से थाना के पास पहुंची। जहां पर उनके द्वारा पुतला दहन किया गया। आक्रोश मार्च में शामिल युवाओं के हाथ में विभिन्न स्लोगन लिखी पोस्टर थी। आक्रोश मार्च में शामिल चंदन कुमार राय, प्रकाश कुमार, मुकेश ठाकुर, सूरज कुमार राय, सफदर इरशाद, तेज प्रताप यादव, उत्कर्ष कुमार उर्फ बच्चा बाबू, राजकमल, उमेश साह, भीम सिंह, रिशु सिंह, राजू सिंह, रंजीत यादव, अजीत यादव, सरिता देवी, किरण देवी, सोनी कुमारी, सरिता देवी, पशुपति देवी, ललिता देवी सहित दर्जनों लोग थानाध्यक्ष के खिलाफ में नारेबाजी कर रहे थे। उनका कहना था कि थाने पर भ्रष्टाचार चरम पर है। कोई भी काम बगैर रिश्वत लेकर नहीं किया जाता है। थाने पर दलालों को कुर्सी दी जाती है और जनप्रतिनिधि को दुर्व्यवहार किया जाता है। महुआ क्षेत्र में अपराधिक घटनाएं बढ़ गई है। यहां पुलिस दारू बालू के चक्कर में वसूली में लगी है। इस तरह विभिन्न संगीन आरोप लगाते हुए उन्होंने नारेबाजी की। उन्होंने थाना द्वार के पास ही थानाध्यक्ष और दलाल की न सिर्फ पुतला दहन किया। बल्कि लंबे समय तक रुक कर पुलिस प्रशासन के विरोध में भाषण बाजी और नारेबाजी की। बाद में अपनी मांगों का ज्ञापन वरीय पदाधिकारी को सौंपा।
