April 16, 2026

NR INDIA NEWS

News for all

बारिश होने पर खेतों में उतरे किसान

बारिश होने पर खेतों में उतरे किसान
महुआ। रेणु सिंह
लंबे समय से सुखाड़ की मार झेल रहे किसानों के लिए श्लेषा नक्षत्र संजीवनी साबित हो रहा है। यह नक्षत्र उदार होने से किसान बाग बाग हुए हैं और वे खेतों में उतर आए हैं। हालांकि जितनी बारिश चाहिए उतनी नहीं हो पा रही है। अभी तक सभी जलाशय पानी विहीन है। यहां तक कि महुआ से होकर गुजरने वाली बाया नदी में भी पेंदी में ही पानी है।
बुधवार को यहां किसान खेतों में उतरे थे। कुछ जगह फसलों में उर्वरक छीटे जा रहे थे तो कहीं जमकर धान की रोपनी भी चल रही थी। किसान प्रकृति की उदारता को खोना नहीं चाहते। जो बारिश हुई है उसी में पंप सेट से पानी चला कर धान की रोपनी कर रहे हैं। महुआ में 56 सौ हेक्टेयर भूमि पर धान आच्छादन का लक्ष्य रखा गया है। किसान उसे पूरा करने में लगे हैं। यहां कृषि कार्यालय के अनुसार 85 फ़ीसदी धान की रोपनी होना बताई गई है। हालांकि इधर एक सप्ताह में धान की रोपनी ने रफ्तार पकड़ी है और किसान पंपसेट चलाक, नहरों से या अन्य स्रोत से धान की रोपनी करने में जुटे हैं। यहां धान उत्पादन के लिए समसपुरा, सिंघाड़ा, मिर्जानगर, ताजपुर बुजुर्ग, कन्हौली, गोरीगामा, पहाड़पुर, गरजौल, मानपुरा, कड़ियों, कर्णपुरा, लंगूराव, बिलंदपुर, पताढ़, सरसई, मटियारा, बक्सामा, मजिया, प्रेमराज, सेहान, लक्ष्मीनारायणपुर, रामपुर, शाहपुर, हरपुर, सूरतपुर, भाथा, धनराज, पानापुर, बिशनपुरा, टरिया सुपौल, बखरी आदि गांवों में धान की अच्छी खेती होती है। किसानों ने धान कि रोपनी करने में एड़ी चोटी एक कर दी है। बारिश होने खेतों में हरियाली छा गई है। किसानों का यह कहना है कि धान की उपज के लिए अच्छी बारिश का होना जरूरी है। जबकि अभी तक अच्छी बारिश नहीं हो पाई है। इस समय सारे जलाशय पानी से भरी होनी चाहिए। जिसमें मात्र पेंदी में ही पानी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.