पढने बढने की उम्र है बाल विवाह एक जुर्म है”।
गोरौल वैशाली जाहिद वारसी की रिपोर्ट।
पढने बढने की उम्र है बाल विवाह एक जुर्म है”।
वैशाली जिला को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने के लिए बाल विवाह अभियान को लेकर गोरौल प्रखंड क्षेत्र के दर्जनों विद्यालयों में बच्चों के द्वारा बाल विवाह नहीं करने को लेकर शपथ लिया गया।
शपथ के क्रम में उत्क्रमित मध्य विद्यालय लोदीपुर पर प्रखंड स्काउट प्रभारी व शिक्षक धर्मेंद्र कुमार सिंह के द्वारा, उत्कर्मित मध्य विद्यालय रूकमंजरी पर नरेंद्र प्रसाद सिंह, उत्क्रमित मध्य विद्यालय राजखंड पर विकास कुमार, मध्य विद्यालय बेलवर घाट पर स्काउट मास्टर प्रेम सिंह, उत्क्रमित मध्य विद्यालय भगवानपुरा उर्दू पर शिक्षक परवेज आलम, उत्क्रमित मध्य विद्यालय महमदपुर पोझा पर मोहम्मद जैनुद्दीन, उच्च विद्यालय बेलवर घाट पर उमेश कुमार प्रसाद सिंह के नेतृत्व में बच्चों एवं शिक्षकों को इससे संबंधित शपथ दिलवाया गया। शपथ के द्वारा लड़कियों ने 18 वर्ष से पहले विवाह नहीं करने वही लड़कों ने 21 वर्ष से पहले विवाह नहीं करने का संकल्प लिया ।साथ ही जहां बाल विवाह हो रहा होगा वहां के आयोजन में शामिल नहीं होने के साथ-साथ वैशाली जिला को बाल विवाह मुक्त बनाने की प्रतिज्ञा भी किया। इस संबंध में जानकारी देते हुए शिक्षक धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई के साथ-साथ कानूनी अपराध भी है। इसके रोकथाम के लिए समय समय पर विद्यालय के बाल संसद, मीना मंच और स्काउट यूनिट के द्वारा विद्यालय के पोषक क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाया जाता है। इसके परिणाम भी निकल कर आते हैं। जब बच्चों के द्वारा गांव में बाल विवाह होने की सूचना विद्यालय के शिक्षकों को दी जाती है। ऐसी स्थिति में बाल विवाह को रुकवाने में समाज के साथ-साथ प्रशासन की भी मदद ली जाती है। विभिन्न विद्यालयों पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक विनोद कुमार, कुमार नवल, अरविंद कुमार शरण,मलय कुमार सहित शिक्षक रिंकू कुमारी देवी, ज्योति भारती, मनोज कुमार,प्रभाष चंद्र सिन्हा, संजय कुमार,प्रणेश कुमार, इड़ा कुमारी सहित अन्य शामिल हुए ।
