बीपीएससी परीक्षार्थी हुए चारों खाने चित।
बीपीएससी परीक्षार्थी हुए चारों खाने चित।
रिपोर्ट सुधीर मालाकार ।
वैशाली! हाजीपुर ,बिहार सरकार में शिक्षक बनने के मंसूबा पाले लाखों बेरोजगारों के चेहरे के होश उड़ गए ,जब उनके हाथों में शिक्षक बनने के लिए प्रश्न पत्र मिला। उन्हें लगा कि वह सचमुच किसी पदाधिकारी बनने के लिए बीपीएससी की परीक्षा देने के लिए आए हो।वह तो मन में सोच कर आए थे की बीपीएससी के द्वारा शिक्षक बनाया जाऊंगा लेकिन प्रश्न पत्र पढ़ते ही उनका सर चक्कराने लगा ।आखिर सर चकराए क्यों नही, प्रश्न पत्र जिस तरीके से तैयार किए गए थे यह शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए दुश्वार साबित हुआ ।उन्होंने मैट्रिक ,इंटर स्तर की तैयारी की थी ,लेकिन प्रश्न पत्र सचमुच बीपीएससी द्वारा आयोजित होने वाली परीक्षा की थी ।अब तो बिहार सरकार के लिए एक बहुत अच्छा बहाना होगा । आप लोगों के लिए हमने बहाली प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन परीक्षा में आप पास ही नही हुए तो फिर आप शिक्षक कैसे बन सकते हैं ? साफ स्पष्ट है, बिहार में चाचा भतीजा की सरकार को न शिक्षक की बहाली करना है और न ही शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करना है ।सिर्फ सरकार में कैसे बने रहे ,कोई विधायक भाग तो नहीं रहा, कोई विरोध तो नही कर रहा ,इसी की जुगाड़ में सरकार चल रही है । जिस हिसाब से प्रश्न पत्र बनाए गए ,कहीं से न्याय उचित नहीं है ।शिक्षक अभ्यर्थियों ने दिन रात एक करके प्राथमिक मध्य एवं उच्च माध्यमिक स्तर की तैयारी की थी लेकिन उनके मंसूबे पर पानी फिर गया ।मानो प्रश्न पत्र देखते ही वे चारो खाने चित हो गए ।
