आरपीसीजे उच्च माध्यमिक विद्यालय बेलवरघाट में स्काउट/ गाइड प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन नागरिकता का पाठ पढ़ाया गया।
आरपीसीजे उच्च माध्यमिक विद्यालय बेलवरघाट में स्काउट/ गाइड प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन नागरिकता का पाठ पढ़ाया गया।
रिपोर्ट :नसीम रब्बानी
गोरौल प्रखंड स्थित आरपीसीजे उच्च माध्यमिक विद्यालय में भारत स्काउट /गाइड द्वारा प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन आज बच्चों को अच्छे नागरिक बनने के गुण बताए गए ।विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक ने प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए कहां की विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं को स्काउटिंग- गाइडिंग से जुड़ने की जरूरत है । स्काउटिंग गाइडिंग में अनुशासन का पाठ सिखाया जाता है। बिना अनुशासन के हम अपने जीवन में सफलता हासिल नहीं कर सकते। शिविर के माध्यम से नई-नई बातों की जानकारी मिलती है। वहीं प्रशिक्षण शिविर के प्रशिक्षक उमेश कुमार प्रसाद सिंह ने प्रशिक्षण में स्काउटिंग की उत्पत्ति एवं उद्देश्य के बारे में बताएं। स्काउटिंग/गाइडिंग के जन्मदाता लॉर्ड बेडेन पावेल ने स्काउट और गाइड आंदोलन के तीन सिद्धांत दिए हैं – ईश्वर के प्रति कर्तव्य, दूसरों के प्रति कर्तव्य और स्वयं के प्रति कर्तव्य। इसके साथ ही स्काउट प्रार्थना गीत और झंडा गीत के नियमों की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि स्काउटिंग गाइडिंग हमें उत्तम नागरिकता का पाठ पढ़ाता है। यह हमारे जीवन में पथ प्रदर्शक का कार्य करता है। हमें अपने जीवन में आगे बढ़ाने के लिए स्काउट/गाइड के इन नौ नियमों को जानना जरूरी है। स्काउट/ गाइड विश्वसनीय, वफादार , सबका मित्र और प्रत्येक दूसरे स्काउट गाइड का भाई-बहन , विनम्र , पशु पक्षियों का मित्र और प्रकृति प्रेमी, अनुशासनशील और सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करने में सहायक , साहसी , मितव्ययी तथा मन, वचन और कर्म से शुद्ध होता है। इन नियमों का पालन करके हम अपने जीवन में सफल हो सकते हैं।
