भारत स्काउट गाइड द्वारा दीक्षा संस्कार का आयोजन।
भारत स्काउट गाइड द्वारा दीक्षा संस्कार का आयोजन।
रिपोर्ट नसीम रब्बानी, वैशाली
भारत स्काउट एवं गाइड द्वारा आयोजित प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने वाले सभी स्काउट/ गाइड को दीक्षा दिलाई गई। इस अवसर पर विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक अरविंद कुमार शरण ने कहा कि जिस व्यक्ति के अंदर संस्कार नहीं है, वह अपने जीवन में सफल नहीं हो सकता है। संस्कार ही सफलता की कुंजी हैं । प्रशिक्षक उमेश कुमार प्रसाद सिंह ने कहा कि संस्कारों का हमारे जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। संस्कार जीवन को परिष्कृत एवं मर्यादित करते हैं। हमारे वैदिक संस्कृति में संस्कार के बाद ही बालक वेदारंभ कर सकता है । ठीक उसी तरह स्काउट /गाइड शिक्षा का अधिकार भी स्काउट गाइड को दीक्षा संस्कार के पश्चात ही दिया जाता है। दीक्षा संस्कार एक प्रकार से सदस्यता ग्रहण समारोह है । दीक्षा संस्कार के पूर्व स्काउट/ गाइड को एक विशेष प्रकार का कोर्स करना पड़ता है, जिसे प्रवेश के नाम से जाना जाता है। स्काउट /गाइड द्वारा नियम व प्रतिज्ञा पर अमल करने के साथ-साथ प्रतिदिन कम से कम एक भलाई का कार्य करने की आदत डाली जाती है। स्काउटर/ गाइडर की संतुष्टि पर ही सदस्यता- रस्म या दीक्षा संस्कार संपन्न किया जाता है। प्रशिक्षण समाप्ति उपरांत सभी स्काउट, स्काउट्रर्स और दीक्षार्थी स्काउट चिन्ह बनाकर प्रतिज्ञा को दुहराया -“मैं मर्यादा पूर्वक प्रतिज्ञा करता हूं कि मैं यथाशक्ति ईश्वर और अपने देश के प्रति अपने कर्तव्य का पालन करूंगा, दूसरों की सहायता करूंगा और स्काउट/ गाइड नियम का पालन करुंगा ।” इस प्रतिज्ञा के साथ दीक्षा संस्कार संपन्न हुआ। दीक्षा प्राप्त करने वालों में शगुन कुमारी, पूजा कुमारी ,माही कुमारी, माला कुमारी, आरती कुमारी, प्रियांशु कुमारी ,नंदिनी कुमारी ,राखी कुमारी, मंतसा प्रवीण, सलोनी कुमारी, सपना कुमारी ,तुलसी जे कुमारी, अमीषा आनंद ,सुजीत कुमार ,अरविंद कुमार, गरीब नाथ कुमार, आनंद कुमार, विकी कुमार, मोहम्मद आशिक रजा, मोहम्मद वसीम ,इमरान अली एवं सुमित कुमार प्रमुख है। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक चंद्रेश्वर कुमार, धर्मवीर कुमार सिंहा, कुमार चंदन, राजू कुमार, देवाशीष कुमार शील, उमेश कुमार,रामबाबू राम ,सुरभि कुमारी ,अनिल कुमार ,पंकज कुमार, सरोज कुमार सिंह एवं स्वर्णिम क्रिया उपस्थित रहे।
