बहुआयामी प्रतिभा के धनी हैं : प्रो.(डॉ.)विनय पासवान ।
बहुआयामी प्रतिभा के धनी हैं : प्रो.(डॉ.)विनय पासवान ।
आलेख – सुधीर मालाकार।
शांति,अहिंसा,ज्ञान एवं शिक्षाविदों की पावन भूमि वैशाली के आंगन में बसा केशोपुर ग्राम में शिक्षक राजगीर पासवान एवं श्रीमती शांति देवी के घर जन्मे द्वितीय पुत्र प्रो.(डॉ.) विनय पासवान ने शिक्षा के क्षेत्र में एक कृतिमान स्थापित किया है। इन्होंने जिला में ही नहीं बल्कि राज्य को भी गौरान्वित करने का काम किया है। इनकी प्रारंभिक शिक्षा गाँव के सरकारी विद्यालय से हुआ। इन्होंने दसवीं राजकीयकृत गाँधी स्मारक उच्च विद्यालय मंसूरपुर से वर्ष 1998 में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति पटना से उत्तीर्ण किया। स्नातकोत्तर -हिन्दी विषय से हिन्दी विभाग बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर बिहार विश्व विद्यालय,मुज़फ्फरपुर से वर्ष 2007 में पूर्ण किया । पुनः द्वितीय स्नातकोत्तर प्राकृत एवं जैन शास्त्र विषय से प्राकृत जैन शास्त्र एवं अहिंसा शोध संस्थान ,बसोकुंड,वैशाली से वर्ष 2011 में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हुए। प्रथम स्थान प्राप्त करने के उपलक्ष्य बी.आर.ए.बिहार विश्वविद्यालय मुज़फ्फरपुर द्वारा डॉ.(प्रो.) भागचंद्र,पुष्पलता जैन स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया । इन्होंने प्रथम (डॉक्टोरेट ) पीएच.डी की उपाधि हिन्दी विभाग जय प्रकाश विश्वविद्यालय,छपरा(सारण) से शोध का विषय-फनीश्वरनाथ रेणु के उपन्यासों में अभिव्यक्त कृषक चेतना में डॉ.(प्रो.) रामनरेश राय जगदम कॉलेज छपरा ,हिंदी विभागाध्यक्ष के मार्गदर्शन में किया।
द्वितीय पीएच.डी की उपाधि
बी.आर.ए.बिहार विश्वविद्यालय मुज़फ्फरपुर से प्राकृत एवं जैन शास्त्र में शोध का शीर्षक उत्तर बिहार की अहिंक जातियों (लोगों) के आचार विचार का अध्ययन डॉ.(प्रो.) ऋषभ चन्द्र जैन पूर्व निदेशक प्राकृत जैन शास्त्र एवं अहिंसा शोध संस्थान बासोकुंड ,वैशाली के निर्देशन में 2023 में संपन्न किया । इसके अलावा इन्होंने लाइब्रेरी साइन्स,दुग्ध प्रोद्योगिकी में डिप्लोमा एवं शिक्षण अध्यापक में डिप्लोमा भी किया है। इन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अलख जगाने का कार्य किया है । केशोपुर ,वैशाली में संचालन बुद्धा ग्लोबल विलेज़ अकादमी केशोपुर,वैशाली के नाम से किया जा रहा है । जिसको देखने के लिए देश -विदेश के गणमान्य लोग आते रहते हैं । इस विद्यालय के बारे में हांगकांग के इंटरनेशनल पत्रिका टी-हाउस में भी छप चुका है। इनकि सोंच वैशाली में एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर का विश्वविद्यालय का निर्माण कर वैशाली को शिक्षा के क्षेत्र में देश और दुनिया में अव्वल बनाने का है। गाँव में रहने के कारण सामाजिक कार्यों में इनकी खूब दिलचस्पी है । समाजसेवा के क्षेत्र में काम करने के लिए इन्होंने दलित दर्पण फाउंडेशन नाम के एक संस्था का निर्माण किया है, जिसके माध्यम से वे समाज के हर वंचित, शोषित विद्यार्थियों एवं ज़रूरतमन्दों की हर सम्भव मदद करते रहते है। इसके अलावा राजनीति में भी इनकी दिलचस्पी है ।ये कुशल वक्ता,सफल रणनीतिकार एवं नेता भी हैं। वे 125 वैशाली विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक का चुनाव निर्दलीय एवं दल से भाग आजमा चुके हैं। वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में भी उम्मीदवारी के लिए प्रबल दावेदारी पेश की हैं ।
