हाजीपुर उर्दू सेमीनार एवं उर्दू कार्यशाला एंव मुशायरा का भव्य आयोजन।
हाजीपुर उर्दू सेमीनार एवं उर्दू कार्यशाला एंव मुशायरा का भव्य आयोजन।
नसीम रब्बानी
आदिल शाहपुरी
वैशाली समाहरणालय हाजीपुर जिला उर्दू भाषा कोषांग के द्वारा फरोगे उर्दू सेमिनार मुशायरा एवं कार्यशाला का भव्य आयोजन दिनांक 23-11- 2023 को समाहरणालय सभाकक्ष में किया गया कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी श्री यशपाल मीणा ने दीप प्रज्वलित कर किया अध्यक्षता श्री जाफिरुद्दीन अंसारी सेवानिवृत्त उर्दू महाविद्यालय दरभंगा ने की, मुख्य अतिथि के रूप में अपर समाहर्ता वैशाली श्री विनोद कुमार सिंह उपस्थित थे मंच संचालन श्री आफताब आलम राजापाकर ने की एवं आए हुए अतिथियों को उप समाहर्ता वैशाली सुश्री कहकशां प्रवीण ने अपने हाथों गुलदस्ता पेश कर स्वागत किया ज्ञात हो कि कार्यक्रम के अंतिम समय में मुशायरा का प्रारंभ हुआ जिस में जिला वैशाली के प्रसिद्ध शायर ने अपनी अपनी ग़ज़लों को सुनाकर लोगों को मंत्र मुग्ध किया जिनमें
1- कल तक जो नान खुरदा के मोहताज थे वह आज ।
अहकाम जारी करते हैं सुल्तान की तरह ।
नाज़िम कादरी
2- ये बज्मे सुखन में जो उर्दू ना होती ।
बहुत रुह प्रवर यह खुशबू न होती।
मोईन गिरिडीह
3- मालो जर से कभी मेयारे बुजुर्गो को न तौल ।
हुस्न किरदार से इंसान बड़ा होता है ।
बशर रहीमी
4- हम मीर के गालिब के जमाने के नहीं हैं ।
ऐसा भी नहीं उनके घराने के नहीं हैं ।
मजहर वस्तवी
5- कर जमाने में नाम तू ऐसा ।
अफताबो जमीं क़मर महके।
अजहर अहमदी
6- मुझ पर तेरा यह आज तक एहसान रह गया ।
जारी निगाह से तेरा फैजान रह गया ।
शमा नरगिस
7 अगर अपने कबीले का तुम्हें सरदार होना था ।
यकीनन सबसे पहले साहिबे किरदार होना था ।
आदिल शाहपुरी
8- वही पुरानी रवायत आज मैं आगे बढ़ाने आया हूं।
रदीफ और काफिया मिलाकर कुछ सुनाने आया हूं
तशकील कैफ़ी
मुशायरा का समापन सुश्री कहकशां प्रवीण के धन्यवाद ज्ञापन के पश्चात हुआ
रिपोर्ट के साथ फोटो एवं विडियो संलग्न है
