पति हुआ लाचार तो पत्नी ने तोड़ी सात जन्मों का नाता
पति हुआ लाचार तो पत्नी ने तोड़ी सात जन्मों का नाता
मेरे पति अब कोई काम लाइक नहीं रहे इसलिए ससुराल छोड़कर जा रही हूं, पुलिस और पंचों के समक्ष बोली पत्नी पूजा
अग्नि के समक्ष सात फेरे लेकर सातो जन्मों तक साथ निभाने के कसम को ठुकराया, हाल महुआ के जहांगीरपुर सलखनी गांव का
महुआ। रेणु सिंह
कमाने से पति बीमारी के कारण लाचार हो गया तो अग्नि के समक्ष सात फेरे लेकर सातो जन्मों तक साथ निभाने की कसम खाने वाली पत्नी ने उससे नाता तोड़ लिया। इतना ही नहीं पति का एक सहारा बच्ची को भी वह साथ ले गई। यह वाक्या महुआ के जहांगीरपुर सलखनी गांव की है।
उक्त गांव निवासी अनिल सिंह के पुत्र रमेश कुमार की शादी वर्ष 2017 में पातेपुर थाना के पुरैना हरपुर निवासी शिवाजी सिंह की पुत्री पूजा कुमारी के साथ हुई थी। शादी के बाद पति पत्नी का संबंध अच्छा रहा और पूजा ने एक पुत्री को जन्म दिया। शादी के 4 वर्ष बाद रमेश लकवा के शिकार हो गया। जिससे उनका शरीर शिथिल पड़ गया। पूजा बताती है कि वह दो वर्षों तक पति को ठीक हो जाने के इंतजार करती रही। जबकि ऐसा कुछ नहीं हुआ। अंत में उसने अपने पति को त्याग देने का ही निर्णय लिया। जिससे वह अग्नि के समक्ष साथ फेरे लेकर सात जन्मों तक रिश्ते निभाने की कसमें खाई थी। पहले तो यह फैसले पर पूजा को लोगों ने बहुत समझाया। फिर भी वह सभी लोगों के प्रस्तावों को ठुकराते हुए अपने निर्णय पर अडिग रही और शादी के वक्त उपहार में दिए गए सारे सामानों के साथ अपनी पुत्री को भी साथ ले गई।
ग्राम पंचायत और पुलिस भी नहीं रोक पाई पूजा को:
पूजा के निर्णय के सामने ग्राम पंचायत और पुलिस का भी कुछ नहीं चला। अंत में सरपंच इंद्रासन देवी, मुखिया पति पारसमणि, पंच सुबोध कुमार, दिनेश प्रसाद सिंह, सुशीला देवी आदि के समक्ष पूजा का बयान अंकित किया गया। पंचो के समक्ष पूजा ने लिखित बयान दिया कि वह अपने मनमर्जी और बगैर किसी के दबाव में अपने ससुराल और पति को छोड़कर शादी में दिए गए उपहार व इकलौती पुत्री को लेकर मायके जा रही है। उसे ससुराल व पति से कोई नाते रिश्ते नहीं है और न हीं कभी यहां आएगी। पूजा की मां ने भी पंचों को बताया कि जब उनकी बेटी खुद पति के साथ रहना नहीं चाहती है तो वह क्या करेगी। इस घटना को लेकर बुधवार को गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म था। जितने लोग उतनी मुंह बातें हो रही थी। लाचार पति देखता रह गया और सात जन्मों तक जीवन की साथ निभाने के लिए कसम खाने वाली पत्नी पूजा पुत्री और उपहार के सारे सामान के साथ चली गई।
