बंदरों के आतंक के साय में रहने को मजबूर हैं बाजितपुर के लोग ।
बंदरों के आतंक के साय में रहने को मजबूर हैं बाजितपुर के लोग ।
रिपोर्ट नागेन्द्र कुमार/ सुधीर मालाकार।
पातेपुर ( वैशाली)प्रखंड क्षेत्र के राघोपुर नरसंडा पंचायत में बंदर के आतंक से लोग परेशान हैं। बंदर के आतंक से आर्थिक, मानसिक के साथ शारीरिक तनाव से लोग पीड़ित होते जा रहे हैं। अब वृद्ध, महिला के बाद स्कूली बच्चों को भी बना रहा है निशाना। दर्जनों की संख्या में एक साथ प्रहार करते हैं बंदर के झुंड। पंचायत के तीन वार्डो अकेले चलाना हो गया है मुश्किल। पातेपुर बी.डी.ओ. एवम पातेपुर विधायक की बात भी नहीं सुन रहे हैं वन विभाग के रेंजर अधिकारी। कई लोगों को अपना निशाना बनाए।अनहोनी की आशंका से सहमें लोग एस एच 49पर धरना देने की कर रहे हैं बात।
मिली जानकारी अनुसार पातेपुर प्रखंड क्षेत्र के राघोपुर नरसंडा पंचायत के बाजितपुर गांव में बंदर की आतंक से लोग परेशान हैं।बच्चा जवान, पुरुष, महिला किसान और जवान , छात्र छ्त्राएं आदि बंदर के भय से सहमें हुए हैं।इस संबंध किसान चंदन कुमार ने बताया कि हम किसान बंधु बंदर के कारण मक्का, हरे सब्जी , चना, मसूर आलू, प्याज आदि लगाना ही भूल गए। जिस कारण इस गांव के किसानों चार से पांच लाख रुपए प्रती वर्ष घटा लग रहा है। ग्रामीण मंत्रनाथ कुमारउर्फ शंभू कुमर कहते हैं कि राघोपुर नरसंडा पंचायत के वार्ड3 ,5,7,6,का नाम अब बंदर वार्ड पड़ गया है। यहां बच्चें डर डर कर स्कूल जाते , महिला वृद्ध पर कई बार हमला कर दिया हैं। जिसका पी एच सी के साथ अन्य जगह उपचार भी किया गया है। आक्रोशित ग्रामीणों ने बताया कि कोई जनप्रतिनिधि प्राधिकारी नहीं सुनेंगे तो एक-दो दिन सप्ताह में वैशाली डीएम का आवेदन देकर एस एच 49 पर अपने लोगों के जान माल की रक्षा के लिए धरना और प्रदर्शन करेंगे।
