माताएं नहाए खाए के साथ आज शुरू करेंगी जीवित्पुत्रिका व्रत का अनुष्ठान
माताएं नहाए खाए के साथ आज शुरू करेंगी जीवित्पुत्रिका व्रत का अनुष्ठान
महुआ। रेणु सिंह
पुत्रों को दीर्घायु होने को लेकर की जाने वाली जीवित्पुत्रिका व्रत पर इस बार माताओं को तेज धूप सताएगी। आश्विन महीने में तेज धूप और उमस की गर्मी होने से उपवास करने वाली माताओं को कई संयम बरतने होंगे। पर्व को लेकर सोमवार को माताओं द्वारा तैयारी की गई।
यहां जीवित्पुत्रिका व्रत का नहाए खाए मंगलवार को होगा। माताएं नहाए खाए पर पितरों को झिंगुनी के पत्ता पर ओठगन देकर पवित्र स्नान के बाद नोनी के साग, मड़ूआ की रोटी और झींगनी के सब्जी ग्रहण करेंगी। वहीं बुधवार को निर्जला उपवास कर शाम को कुश के जीमूतवाहन बनाकर चीलो सियारो का कथा श्रवण करेंगी। वहीं गुरुवार की सुबह स्नान कर पारण के साथ व्रत का समापन करेंगी। तेज धूप और उमस की गर्मी होने से उपवास पर प्यास अधिक सताएगी। प्यास और पसीना निकलने से डिहाईड्रेशन हो सकता है। उपवास में बाहर नहीं निकलने और छांव का सहारा लेने को बताया गया। पंडितों के अनुसार महाउपवास पर मीठा जल (शरबत) लेने से उपवास भंग नहीं होता है। यह पर्व पूरी तरह पितरों को खुश करने के लिए किया जाता है। व्रत को लेकर माताओं में उत्साह है। बाजार में मड़ूआ के आटा, नोनी के साग, झींगनी और उसके पत्ते खूब बिके।
