कविताओं के रस में सराबोर हुआ हाजीपुर होटल प्रबंधन संस्थान ।
कविताओं के रस में सराबोर हुआ हाजीपुर होटल प्रबंधन संस्थान ।
रिपोर्ट सुधीर मालाकार।
हाजीपुर (वैशाली)हिन्दी पखवाड़ा के अवसर पर वैशाली हिन्दी साहित्य सम्मेलन के सहयोग से होटल प्रबंध संस्थान हाजीपुर में भव्य कवि सम्मेलन-सह-सम्मान समारोह का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का उदघाटन पदमश्री डॉ0 जितेन्द्र कुमार सिंह, पदमश्री श्री विमल जैन, श्री पूलक मंडल (प्राचार्य), डॉ0 शशिभूषण कुमार (अध्यक्ष, वैशाली हिन्दी साहित्य सम्मेलन) एवं श्री मुर्तजा कमाल (स0 प्रशासनिक अधिकारी) ने संयुक्त रूप से दीपप्रज्वलित कर किया। सर्वप्रथम संस्थान द्वारा प्रकाशित ई-पत्रिका ‘‘प्रतिबिंब’’ का लोकार्पण उपस्थित पदमश्री अतिथियों के कर कमलों द्वारा किया गया।
श्री पूलक मंडल (प्राचार्य) ने सभी सदस्यों को हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाए देते हुए आज हिन्दी पखवाड़ा से संबंधित विषय पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के आयोजन के बारे में सभी सदस्यों को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने हिन्दी को भारतीय संविधाान के 8वीं अनुसूची में 22 भाषाओं को स्थान दिया गया है जिसमें अंग्रेजी शामिल नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि सिविल सेवा में भी हिन्दी भाषी छात्रें का प्रदर्शन बेहतर रहा है।
समारोह को संबोधित करते हुए कैंसर रोग विशेषज्ञ पदमश्री डॉ0 जितेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि हिन्दी जन जन की भाषा है और समस्त भाषाओं की रानी है। उन्होंने आगे कहा कि हमें हिन्दी बोलने किसी प्रकार की झिझक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने हिन्दी का मॉं के समान बताया।
पदमश्री श्री विमल जैन ने अपने संबोधन में कहा कि हिन्दी हमारी अस्मिता से संबंधित है उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में हिन्दी वैश्विक पटल की भाषा बनने की ओर अग्रसर है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ0 शशिभूषण कुमार (अध्यक्ष, वैशाली हिन्दी साहित्य सम्मेलन) ने कहा कि हिन्दी संपर्क की भाषा है और हिन्दी से ही हमें आंतरिक सशक्तीकरण का अनुभव होता है। वर्तमान में बॉलिवुड की भी भूमिका हिन्दी के प्रचार प्रसार में अतिमहत्वपूर्ण है।
