व्रत पर माताओं के लिए मौसम रहा मेहरबान
व्रत पर माताओं के लिए मौसम रहा मेहरबान
दिनभर आकाश में छाए रहे बादल और शाम में हुई बूंदाबांदी
महुआ। रेणु सिंह
पुत्रों को दीर्घायु होने को लेकर माताओं द्वारा की जाने वाली जीवित्पुत्रिका व्रत बुधवार को श्रद्धापूर्वक मनाया गया। पर्व पर माताओं ने निर्जला उपवास रख कुश के जीमूतवाहन बनाकर उनका पूजन किया और पंडितों से चीलो सियारो की कथा सुनी। पर्व को लेकर माताओं में भक्ति परवान पड़ रही। गुरुवार की सुबह सूर्योदय होने के साथ ही माताएं पर्व का पारन करेंगी।
महुआ और आसपास के इलाके में यह पर्व श्रद्धा और भक्ति के बीच मनाया गया। जगह-जगह माताएं एकत्रित होकर चुलो सियारो की कथा सुनी। कुश का जीमूतवाहन बनाया और उनका श्रद्धापूर्वक पूजन किया। पूजन के साथ उनकी आरती उतारी और घर परिवार में शांति के साथ सुख समृद्धि के लिए प्रार्थना किया। आस्था है कि माताओं द्वारा इस पर्व को करने से पुत्रों की आयु लंबी होती है और अनहोनी नहीं होती। पर्व के पूर्व संध्या पर मंगलवार को माताएं पवित्र स्नान कर पितरों को झींगनी के पत्ते पर ओठगन देकर नोनी के साग, मड़ूआ की रोटी और झींगनी का सब्जी ग्रहण किया। बताया गया कि यह पर्व पितरों को खुश रहने के लिए किया जाता है। माताएं निर्जला उपवास रख पितरों से पुत्रों की सलामती के साथ घर परिवार में सुख समृद्धि की कामना करती हैं। मिथिला और बनारसी पंचांग में अलग-अलग मत होने के बावजूद यहां माताओं द्वारा बुधवार को ही व्रत का उपवास रखा गया। व्रतियों ने बताया कि गुरुवार को सूर्योदय के साथ गाय का दूध ग्रहण कर पर्व का समापन करेंगी।
