सरकार की व्यावसायिक एवं औद्योगिक नीति बिजनेश फ्रेंडली हो जो अफसरशाही और भ्रष्टाचार से मुक्त होना चाहिए:मोहम्मद इश्तेयाक
सरकार की व्यावसायिक एवं औद्योगिक नीति बिजनेश फ्रेंडली हो जो अफसरशाही और भ्रष्टाचार से मुक्त होना चाहिए:मोहम्मद इश्तेयाक
पोर्ट :नसीम रब्बानी, बिहार
आम बजट पूर्व नागरिक एवं संगठन/ संस्थान से वित्त मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा मांगे गए सुझाव के आलोक में नगर निगम मार्केट्स ट्रेडर्स एसोसिएशन मुजफ्फरपुर के मुख्य संरक्षक एवं RIFAH चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज मुजफ्फरपुर के अध्यक्ष मोहम्मद इश्तेयाक ने वित्त मंत्रालय को e mail भेज कर GST, व्यापार नीति ,औद्योगिक विकास एवं बिहार जैसे औद्योगिक एवं कृषि आधारित व्यापार क्षेत्र में पिछड़े राज्य के अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं विशेषकर उत्तर बिहार में कारोबारी हलचल को गति प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिया ।
मोहम्मद इश्तेयाक ने कहा कि भारत सरकार Tax संग्रह का दायरा बढ़ाना चाहती है तो अन्य जो छुटे हुए उत्पाद या क्षेत्र है उसको GST के दायरे में लाए ,पहले से जो उत्पादों पर GST का स्लैब है उसे न बढ़ाए । जैसे टेक्सटाइल सेक्टर में 1000.से ऊपर के प्रोडक्ट पर 18% प्रस्तावित GST गलत है उसी तरह अन्य उत्पादों या सर्विस सेक्टर पर बढ़े हुए प्रस्तावित GST को लागू नहीं किया जाना चाहिए। उत्पादों का लगत एवं कंपोजिट खर्च और महंगा होगा , खुदरा दर और महंगा होगा जिससे उपभोक्ता का बजट संतुलन बिगड़ेगा तो बाजार में क्रय शक्ति में गिरावट होगी जो अर्थ व्यवस्था के लिए घातक है।
उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर सहित उत्तर एवं पूर्वी बिहार के जिलों में लगभग सभी व्यापारिक क्षेत्रों में हाल के वर्षों में गिरावट देखने को मिला है जिसका का कारण भीषण यातायात समस्या जिससे फुट फाल (footfall ) में भारी किरावट , शहरीकरण सुविधाओं का धीमा रफ्तार और उत्तर एवं पूर्वी बिहार के व्यवसायियों एवं खरीदार का अपने लोकल शहरों में खरीदारी को प्राथमिकता देना है । मोहम्मद इश्तेयाक ने कहा कि औद्योगिक विकास के नाम पर सरकार की जीरो पॉलिसी भी बाधक रही है ,जो अब BIADA जैसे औद्योगिक क्षेत्र का विकास कर एवं कृषि उत्पादों में संभावना तलाश कर रोजगारोन्मुख नीतियों का सृजन कर एवं दूसरे राज्यों के निवेशकों को प्रोत्साहित करके किया जा सकता है । उन्होंने कहा कि सरकार की व्यावसायिक एवं औद्योगिक नीति बिजनेश फ्रेंडली हो जो अफसरशाही और भ्रष्टाचार से मुक्त होना चाहिए। कुटीर एवं छोटे उद्यमियों को प्रोत्साहन लोन एवं प्रशिक्षण दे कर ,उनके उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर बाजार मुहैया कराकर उनको स्थापित किया जा सकता।उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग द्वारा औद्योगिक सेमिनार ,कार्यशाला एवं उत्पादों की प्रदर्शनों का समय समय पर आयोजन का जिला में “कारोबारी हलचल” को गति दिया जा सकता है । सरल एवं विकासोन्मुखी औद्योगिक और व्यापार नीति से ही जिला एवं बिहार राज्य के अर्थव्यवस्था को मजबूती दिया जा सकता है । मोहम्मद इश्तेयाक ने आशा जताते हुए कहा कि अब संतोषप्रद पहल की शुरुआत हो चुका है ,सरकार की इच्छाशक्ति अब इस दिशा में दिखने लगा है जो एक सकारात्मक संदेश है ।
