रोजा या उपवास रखने से शरीर और मन दोनों को फ़ायदे होते हैं.डॉक्टर बेलाल अली
इस्लाम धर्म में रमजान का महीना सबसे पाक माना जाता है। इस पूरे महीने मुस्लिम लोग रोजा यानी उपवास रखते हैं और अपना ज्यादा समय अल्लाह की इबादत में बिताते हैं। मुसलमान अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हुए इस महीने के आखिर में ईद-उल-फितर मनाते हैं, जिसे मीठी ईद भी कहा जाता है रोजा रखने से यह शरीर को डिटॉक्स करता है, पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है, और वज़न घटाने में मदद करता है. इसके अलावा, रोजा से तनाव और चिंता कम होती है, और इम्यूनिटी भी बढ़ती है. रोजा रखने के फ़ायदे: शरीर की सफ़ाई, रोजा रखने से शरीर से विषाक्त पदार्थ साफ़ होते हैं. पाचन तंत्र बेहतर, रोजा रखने से पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है. वज़न घटाने में मदद रोजा से फैट बर्निंग प्रोसेस तेज़ होकर चर्बी कम होती है. इम्यूनिटी बढ़ती है रोजा रखने से नई रोग प्रतिरोधक कोशिकाएं बनती हैं. तनाव कम होता है रोजा रखने से तनाव और चिंता कम होती है. डिप्रेशन और एंग्ज़ाइटी में फ़ायदेमंद रोजा रखने से डिप्रेशन और एंग्ज़ाइटी में फ़ायदा होता है. दिल से जुड़ी समस्याओं से बचाव रोजा रखने से दिल से जुड़ी समस्याओं से बचाव होता है.