पर्यटन विभाग बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन वैशाली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय वैशाली महोत्सव संपन्न हो गया। इस अवसर पर चयनित कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम अंतर्गत गीत- संगीत, काव्य पाठ, कॉमेडी शो, नृत्य व नाटक की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को यादगार बना दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम अंतर्गत प्रथम दिन स्थानीय मछुआरों द्वारा चैता गीत प्रस्तुत किया गया वहीं दूसरी तरफ कलाकारों द्वारा भगवान महावीर से संबंधित प्रस्तुतियां दी गई।कार्यक्रम के दूसरे दिन आदर्श चेतना सेवा संस्थान के द्वारा लोकगीत की प्रस्तुति की गई। संस्था के कलाकार अमित कुमार ने एक से बढ़कर एक लोकगीत की प्रस्तुति दी । साथ ही संगत कलाकारों में आर्गन पर धर्मेंद्र कुमार, नाल पर संतोष कुमार, तबला पर अमरेश कुमार एवं हारमोनियम पर प्रेम कुमार एवं पैड पर चन्दन पांडेय संगत कर रहे थे । मुस्कान सांस्कृतिक मंच, पटना द्वारा भगवान महावीर के जन्म से लेकर निर्वाण तक की कहानियों को नृत्य नाटिका के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। स्थानीय कलाकारों के साथ बाहरी कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुति दी। वैशाली की बेटी जहांणवी दुर्गा एवं रिचा चौबे ने भी अपनी प्रस्तुति से कार्यक्रम को यादगार बना दिया। उसके साथ ही कुंदन कुमार ठाकुर, कमलेश कुमार सिंह ,राजेंद्र प्रसाद बखरा, रीना सिंह, अमरनाथ यशवाल ,सूफी गायक शिवम ,साकार कलाकृति, प्रियांशु घटक, संजीत कुमार, तृष्णा श्री द्वारा कविता, महिमा शंकर द्वारा नृत्य , वैशाली कला मंच एवं निर्माण रंग मंच के कलाकारों द्वारा कफन नाटक की प्रस्तुति दी गई। रात्रि में मैथिली ठाकुर द्वारा लोकगीत, सूफियाना बैण्ड एवं सत्यम आनंद भागलपुर द्वारा सूफी गायन की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम के तीसरे दिन अमरेश कुमार राय द्वारा पारंपरिक लोकगीत प्रस्तुत किया गया, जिसमें नाल पर मनोज कुमार सुमन, तबला पर लाल बहादुर पासवान एवं जोड़ी पर प्रेम जी संगत कर रहे थे। मिथिलेश एवं टीम द्वारा समूह गायन ,पवन कुमार द्वारा लोक गाथा गायन, शैलेंद्र सिंह राकेश द्वारा लोकगीत ,नवल किशोर सुमन द्वारा लोक गायन ,इसके साथ पवन कुमार, दिव्या कुमारी, विकास कुमार ,वीरचंद्र राम, इन्दू वाला वर्मा ,रागिनी सिंह द्वारा गायन के साथ राज्य संपोषित बालिका उच्च विद्यालय हाजीपुर द्वारा शिव तांडव नृत्य, अमित शिक्षक समूह द्वारा लोकगीत , जेटी बरुआ बहुआरा की छात्राओं द्वारा झिझिया नृत्य, शिक्षक विशाल कुमार द्वारा सूफी गायन की प्रस्तुति के साथ श्रुति वर्मा गोपालगंज द्वारा गायन, लोकगीत गायक सत्येंद्र पटना, नालंदा संगीत कला विकास संस्था द्वारा लोकगीत तथा गायक विनोद गवार द्वारा सूफी गायन की प्रस्तुति दी गई। अंतिम दिन की शाम श्रद्धा पंडित ने एक से बढ़कर एक फिल्मी गीतों की प्रस्तुति से दर्शकों को खूब झुमाया।