मुजफ्फरपुर नागरिक समाज एवं मुजफ्फरपुर मिल्लत कमिटी*
मुजफ्फरपुर नागरिक समाज एवं मुजफ्फरपुर मिल्लत कमिटी
*वक्फ बचाओ संविधान बचाओ संयुक्त मंच , मुजफ्फरपुर*
मुजफ्फरपुर में निकला वक्फ संशोधन एक्ट के विरोध में विशाल प्रतिवाद मार्च।
जनभावना का सम्मान करे केंद्र सरकार, धर्मनिरपेक्ष भारत में धार्मिक स्वतंत्रा एवं आस्था जनता का संवैधानिक अधिकार है : मोहम्मद इश्तेयाक
मुजफ्फरपुर के समस्त नागरिक समाज एवं मुजफ्फरपुर मिल्लत कमिटी के तत्वाधान में *वक्फ बचाओ संविधान बचाओ संयुक्त मंच* के बैनर तले वक्फ एक्ट 2025 के विरोध में एक विशाल मौन प्रतिवाद मार्च निकाला गया जिसमें जिला
प्रतिवाद मार्च का नेतृत्व संयुक्त मंच के संयोजक आफताब आलम,कॉर्डिनेटर मोहम्मद इश्तेयाक एवं सह संयोजक इंजीनियर जफर आजम रब्बानी ने मुजफ्फरपुर के समस्त नागरिक समाज के आह्वान पर जिला के प्रमुख सामाजिक संगठन,धार्मिक संगठन , बौद्धिक एवं प्रगतिशील संगठक ,गांधीवादी ,छात्र एवं शैक्षणिक संगठन ,दलित एवं पिछड़ा अतिपिछड़ा संगठन एवं मुजफ्फरपुर मिल्लत कमिटी से अपसंख्यक संगठनों से संकड़ों कार्यकर्ता एवं प्रतिनिधि शामिल हुए । इस विशाल जुलूस का नेतृत्व संयुक्त मंच के संयोजक आफताब आलम, कॉर्डिनेटर मोहम्मद इश्तेयाक एवं सह संयोजक सय्यद माजिद हुसैन ने संयुक्त रूप से किया जो चंदवारा जेल चौक से शुरु होकर बनारस बैंक चौक एवं सरैयागंज टावर होते मुजफ्फरपुर क्लब एवं जिलाधिकारी कार्यालय पर जमा हुआ एवं संयुक्त मंच के सह संयोजक इंजीनियर जफर आजम रब्बानी ने जिला के पश्चिमी क्षेत्रों का नेतृत्व किया जो ब्रह्मपुरा में जमा होकर कंपनी बाग पहुंचा । जिला के अन्य क्षेत्रों से अलग अलग समूह में भी काफी संख्या में लोग पहुंचे जैसे जीरो माइल,माड़ीपुर ,मझौलिया , पंखा टोली, सैदपुरा , अघोरिय बाजार , भगवानपुर ,कुढ़नी ,मीनापुर , सकरा, मनियारी , धीरनपट्टी, भींचहां ,औराई ,मोतीपुर । कलेक्ट्रेट में जमा होने के बाद , इस विशाल जुलूस को देख कर जिला प्रशासन द्वारा तैनात सात दंडाधिकारी एवं डीएसपी नगर ने डीएम कैंपस में जाने से रोका , काफी हंगामे के बाद वार्ता हुआ जिसमें डीएसपी श्रीमती सीमा द्वारा तय किया गया कि कैम्पस में जिला वर्किंग कमेटी के 67 लोगों को ही अनुमति दी जाएगी और कहा गया कि पहले से तय दस सदस्यीय शिष्टमंडल ही जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपेंगे । संयुक्त मंच के कॉर्डिनेटर मोहम्मद इश्तेयाक ने पहले से तय दस सदस्यीय शिष्टमंडल का नेतृत्व किया , पर पटना और दूसरे जिला से बुलाए गए विशिष्ट अतिथि को रोक गया तो कॉर्डिनेटर मोहम्मद इश्तेयाक द्वारा फिर अनुरोध किया गया जिसके बाद फिर दस और नाम जोड़ कर जिलाधिकार के अनुपस्थिति में ओ एस डी के कार्यालय में जमा कराया गया जो भारत के महामहिम राष्ट्रपति, माननीय लोकसभा स्पीकर , माननीय उप राष्ट्रपति , माननीय प्रधान मंत्री, माननीय गृह मंत्री , माननीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री , माननीय राज्यपाल बिहार एवं माननीय मुख्य मंत्री बिहार के को प्रेषित हेतु सौंपा गया । शिष्टमंडल में शामिल मुजफ्फरपुर नागरिक समाज एवं मिल्लत कमिटी के संयोजक आफताब आलम, कॉर्डिनेटर मोहम्मद इश्तेयाक ,सह संयोजक इंजीनियर जफर आजम रब्बानी, सय्यद माजिद हुसैन,मौलाना आले हसन , शब्बीर अंसारी,आजाद समाज पार्टी के राज्य अध्यक्ष जौहर आजाद ,मोहम्मद शोएब ,रामनरेश राम,आनंद पटेल, लक्षणदेव प्रसाद सिंह,विद्वान मुफ्ती सनाउल हुडा कासमी , मुफ्ती इकबाल कासमी ,डॉक्टर महमूदुल हसन, प्रो फारूक सिद्दीकी, अल्लामा असद यावर ,मुफ्ती शमीमुल कादरी, मौलाना मोती उर रहमान रजवी आदि मौजूद थे ।
मेमोरंडम द्वारा महामहिम राष्ट्रपति एवं अन्य से मांग किया गया ।
1.वक्फ का मामला संविधान के अनुच्छेद 25,26 के अधीन आता है जिसने सभी धर्म के लोगों को अपने धार्मिक विधान और अमल करने की पूरी स्वतंत्रता है , जिसने छेड़ छाड़ संविधान के साथ अन्याय होगा है
2.वक्फ बाय यूजर के पारंपरिक इस्तेमाल की खत्म करना आस्था एवं वक्फ संपत्तियों के भौतिक संरचना को खत्म करना है ।
3 वक्फ संशोधन एक्ट भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14,16,25,26,एवं 29,का खुल्लम खुल्ला उल्लंघन है जिसके तहत भारतीय अपलसंख्यसक समुदायों को अपने धार्मिक ,शैक्षणिक संस्थाओं के संचालन का अधिकार हैं ।
4 .वक्फ बोर्ड के शासी इकाई ने गैर मुस्लिम का प्रतिनिधित्व संविधान के अनुच्छेद 25 एवं 26 के विपरीत है ।
5 सदियों पुरानी इसके संपत्तियों जिसका की कागजी रिकॉर्ड नहीं वर्षों से व्यवहार में है , वैसी प्रॉपर्टी पर विवाद में स्थिति में वक्फ या वक्फ बोर्ड के दावा को निरस्त कर देना ….नैसर्गिक न्याय एवं संविधान के विरुद्ध हैं
6 वक्फ बोर्ड के संपत्ति पर कोई किरायदार अगर 30 साल से है तो उसके दावा पर सुनवाई कर वक्फ के संपत्ति टाइटल को खारिज किया जाना , मुसलमानों के प्रति घोर अन्याय है ।
इमारत शरिया के मुफ्ती सनाउल हुडा ने कहा के इस एक्ट में 42 गलतियां है जो संविधान के मूल प्रस्तावना के विरुद्ध हैं ।
अल्लामा असद यावर ने कहा के एक्ट के वापसी तक हमारी लड़ाई जारी रहेगा , हम अपने धार्मिक पर्सनल लॉ के साथ छेड़ छाड़ कभी बरदाश्त नहीं करेंगे ।
डॉक्टर महमूदुल हसन ने कहा कि ये भारतीय लोकतंत्र को खत्म करने की षड्यंत्रकारी प्रक्रिया है जो केंद्र सरकार मनुवादी एजेंडे के अनुसार काम कर रही है ।
मुफ्ती शमीमुल कादरी ने कहा कि अब मोदी सरकार की झुकना ही होगा ,वरना मुसलमानों के विरुद्ध ऐसे कानून बना कर देश को शांति एवं सद्भाव से नहीं चलाया जा सकता।
संयुक्त मंच के संयोजक आफताब आलम ने कहा कि ये तो आंदोलन का आगाज है ,अगर भारत सरकार गूंगी बहरी बनी रही तो और ये बिल वापस नहीं लिया पूरे देश में शृंखलाबद्ध आंदोलन की कोई रोक नहीं सकता । मंच के कॉर्डिनेटर मोहम्मद इश्तेयाक ने कहा कि मुसलमानों के अस्तित्व एवं पहचान को खत्म करने वाला इस एक्ट से अब देश के अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय सहमे हुए । ये एक्ट देश के अंदर असुरक्षा का भाव पैदा कर रहा है। मंच के सह संयोजक इंजीनियर जफर आजम रब्बानी ने कहा के मोदी सरकार निरंतर नए प्रयोग से भारत के जनता को हल्कन कर रखा है , धार्मिक उन्मादी मुद्दे को आगे कर अपने सरकार की विफलताओं पर पर्दा डालने का काम करती है ।
आज के इस वक्फ बचाओ संविधान बचाओ संयुक्त मंच के प्रतिवाद मार्च को सफल बनाने में मंच के 67 सदस्यीय वर्किंग कमेटी का महत्वपूर्ण योगदान रहा जिसमें،इंजीनियर एजाज अहमद , असलम रहमानी, कामरान रहमानी ,तौसीफ आलम ,मनोवर आजम , शफीकुर रहमान , होरील राय, आसिफ इकबाल , जावेद अख्तर गुड्डू, रियाज गुड्डू ,एडवोकेट रिजवान एजाजी, एडवोकेट इश्तियाक अहमद ,वसीम अहमद मुन्ना , रणजीत रजक , मौलाना इरफान कासमी,डब्लू करबला , तौसीफ अहमद, राजाराम , आनंद पटेल,नूरुदीन मंसूरी, इम्तेयाज अहमद ,सरफराज आलम, शब्बीर अंसारी, शब्बीर अब्बास ,प्रिंस मंसूरी, रिजवान अहमद , शमी अहमद , इरफान अली अफरोज, मोहम्मद जुबैर , इकबाल कुरैशी, जावेद नुवान, खालिद रहमानी, आरिफ हुसैन,परशुराम पाठक , मुफ्ती इरफान कासमी , जमाल नासीर ,मोहम्मद जमील अख्तर ,मोहम्मद शादाब ,एहतेशाम हुसैन रहमानी , वीरेंद्र राय, अफरोज अहमद, लड्डू भाई ,अक्कू पार्षद, हामिद हुसैन, हैदर अली , तारीक जमाल,मोहम्मद सहीम,मोहम्मद लाडले आदि है ।
मोहम्मद इश्तेयाक
कॉर्डिनेटर एवं मीडिया प्रभारी
वक्फ बचाओ संविधान बचाओ संविधान संयुक्त मंच। मुजफ्फरपुर।
M 6209100540.
