दुर्घटना में घायल अधेड़ की इलाज के दौरान मौत के बाद शव आते ही मचा कोहराम
दुर्घटना में घायल अधेड़ की इलाज के दौरान मौत के बाद शव आते ही मचा कोहराम
महुआ। रेणु सिंह
दुर्घटना में घायल अधेड़ की इलाज के दौरान बुधवार की अपराह्न मौत के बाद शव घर आते ही परिजनों में कोहराम मच गया। वही मृतक को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। घटना से शोकाकुल बस्ती के लोगों ने तीन शाम चूल्हे नहीं जलाए। शव का अंतिम संस्कार गुरुवार को हाजीपुर कौनहारा घाट पर किया गया।
मि तक करीब 55 वर्षीय धर्मेंद्र मालाकार महुआ थाने के समसपुरा निवासी समाजसेवी सुधीर मालाकार के बड़े भाई थे। बताया गया कि वह महुआ के छतवारा स्थित निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज अस्पताल भवन में काम करते थे। दो सप्ताह पूर्व वे दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे। जिन्हें इलाज के लिए पटना के निजी हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था। इलाज के दौरान उन्होंने बुधवार को अंतिम सांस ली।
कमाऊ व्यक्ति की मौत से परिजनों का जो रोकर बुरा हाल:
मृतक धर्मेंद्र मालाकार काफी मेहनतकश व्यक्ति थे वे। उनकी कमाई से घर परिवार चलता था। उन्होंने बड़ी पुत्री की शादी करती थी। दो पुत्र अभी कुमारे हैं और पढ़ रहे हैं। उन्हीं मौत से पत्नी तो टूट सी गई है और शव पर बेसुध पड़ी थी। बेटी-बेटों का तो रो रोकर बुरा हाल था। लोग उसे ढांढस बंधा रहे थे। अब उन्हें कौन देखेगा, कैसे चलेगी परवरिश। घटना की खबर सुनकर ससुराल से बेटी पहुंची और पिता के शव पर विलाप करने लगी। पत्नी, बेटी और बेटों के बिलाप से सबका कलेजा दहल जा रहा था।
