राजद का स्वांग और मुसलमानों की राजनीति पर सवाल बिहार के कद्दावर मुस्लिम नेता इरफान जामियावाला का!
राजद का स्वांग और मुसलमानों की राजनीति पर सवाल बिहार के कद्दावर मुस्लिम नेता इरफान जामियावाला का!
पटना,राजद (राष्ट्रीय जनता दल) एक बार फिर मुसलमानों को सिर्फ़ “वोट बैंक” समझकर छलने की कोशिश कर रहा है। बिहार की राजनीति में मुस्लिम समुदाय को ठगने का यह नया अध्याय तब सामने आया, जब राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव ने उर्स के मौके पर पटना हाईकोर्ट दरगाह में चादर चढ़ाई और दुआ मांगी। इस कार्यक्रम की तस्वीरें सार्वजनिक होते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज़ हो गई।
लेकिन इस धार्मिक प्रतीकात्मक राजनीति पर महुआ और जामिया से जुड़े कद्दावर नेता इरफान जामियावाला ने कड़ा सवाल उठाया।
वे महाराष्ट्र की संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की मीटिंग में वक़्फ़ बोर्ड के नये कानून पर जोरदार तरीके से आवाज़ उठा चुके हैं और पसमांदा मुसलमानों की समस्याओं को राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बनाया है।
इरफान जामियावाला ने कहा:
“राजद मुसलमानों को ठगने के लिए उर्स और दरगाह का स्वांग रचता है, जबकि असलियत यह है कि 20% मुस्लिम वोटरों को सिर्फ ठेंगा मिलता है।”
“वहीं, सहनी समाज के मात्र 2% वोट बैंक को खुश करने के लिए 20 सीटें दी जा रही हैं। यह सीधा-सीधा मुसलमानों के साथ विश्वासघात है।”
मुद्दे की जड़
बिहार की राजनीति में मुसलमानों की हिस्सेदारी लगभग 20% है, लेकिन सीट बंटवारे और नेतृत्व में उनकी भूमिका नगण्य है।
राजद व अन्य दल प्रतीकात्मक धार्मिक कार्यक्रमों से मुस्लिम समाज को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं, लेकिन उन्हें राजनीतिक हिस्सेदारी नहीं मिलती।
पसमांदा मुसलमानों की आवाज़ को लगातार दबाया जाता है, जबकि पिछड़ी जातियों को सियासी सौदेबाज़ी में प्राथमिकता दी जाती है।
नतीजा
राजद की यह नई रणनीति पसमांदा समाज और मुसलमानों में नाराज़गी पैदा कर रही है। इरफान जामियावाला जैसे नेता अब खुलकर यह मुद्दा उठा रहे हैं कि मुस्लिम समाज को “सिर्फ़ भीड़” और “मजार पर चादर चढ़ाने वाला वोटर” मानने की आदत छोड़नी होगी।
> यह सवाल अब सीधे मुसलमानों के सामने है:
क्या वे सिर्फ़ दिखावटी राजनीति से संतुष्ट रहेंगे,
या अपनी 20% आबादी के हिसाब से राजनीतिक हिस्सेदारी की मांग करेंगे?
इरफान जामियावाला : पूर्व राजद नेता 1997 से 2006 तक.
राष्ट्रीय महासचिव: आल इंडिया मुस्लिम महाज़
संयोजक: अलीगढ़ &जामिया अल्मुनि संगठन
