संत जोसेफ स्कूल, सिंघाड़ा में हिंदी पखवारा का समापन ।
संत जोसेफ स्कूल, सिंघाड़ा में हिंदी पखवारा का समापन ।
रिपोर्ट सुधीर मालाकार ।
महुआ (वैशाली)संत जोसफ विद्यालय सिंघाड़ा में छात्र-छात्राओं ने बड़े हर्ष उल्लास के साथ हिंदी पखवाड़ा का समापन किया। प्राचार्य विवेक ने हिंदी दिवस मनाने की प्रासंगिकता के महत्व को बताते हुए भारत के संवैधानिक इतिहास की जरूरत बताई। इसके महत्व को आधुनिक समय में सूचना प्रौद्योगिकी और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी प्रासंगिक बनाने के लिए छात्र-छात्राओं को आगे आने हेतु प्रेरित किया। निर्देशक सत्येंद्र कुमार सिंह ने बच्चों को समझाया कि यह दिन भाषा के प्रचार प्रसार , सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देने और नई पीढ़ी को अपनी मातृभाषा की प्रति गौरवान्वित करने का अवसर प्रदान करता है। कार्यक्रम को तीन चरणों में मनाया गया। अष्टम नवम दशम की छात्र-छात्राओं ने “हिंदी है हम”पर अपने अपने लेखनी द्वारा अपने विचार रखें। प्रभावी लेख के लिए साइकिल कमल, केशव राज एवं यशी राज को पुरस्कृत किया गया। वही मिडिल क्षेत्र के बच्चों में शालिनी, एवं जिगर को सराहा गया। छोटे-छोटे बच्चों ने भी हिंदी कविता गाकर अपने सबों को प्रभावित किया। अनाया, मानसी, दिव्यांशु, कृष्णा एवं आराध्या की कविताओं ने सबके मन को मोह लिया। हिंदी शिक्षक विजय कुमार, अर्चना देवी एवं सुश्री नेहा सिंह ने पूरे कार्यक्रम का संचालन किया। धन्यवाद ज्ञापित करते हुए विद्यालय की मैनेजर श्रीमती सीमा सिंह ने कहा कि हिंदी बोलने का अर्थ है हिंदी को सर्वाधिक कर देना। वर्ष पर्यंत हम अपनी भाषा एवं व्याकरण को सुदृढ़ करें और अपनी शैली को सशक्त करें यही हिंदी दिवस की सार्थकता होगी। भाषा की विविधता सजीवता का लक्षण है। यही सजीवता रचना में रंग लाती है। हिंदी की उपभाषा बज्जिका के उत्थान हेतु भी इसे जानने समझने की आवश्यकता है। उन्होंने अपनी बात पर बल देते हुए बताया कि विद्यालय बच्चों का दूसरा घर है। अतः सभी संस्कारों का समागम यही से हमें करना होगा।
