नहाए खाए के साथ माताओं ने रखा जिउतिया व्रत का महा उपवास
नहाए खाए के साथ माताओं ने रखा जिउतिया व्रत का महा उपवास
मरुआ की रोटी और नोनी के साग के साथ झींगनी के सब्जी का किया भोजन, पितरों को ओठगन देकर घर परिवार के लिए मांगा अमन चैन
महुआ। रेणु सिंह
पुत्रों को दीर्घायु और काल कल्वित से बचाने को लेकर माताओं द्वारा की जाने वाली जीवित्पुत्रिका जिउतिया व्रत का शनिवार को नहाए खाए किया गया। इस मौके पर माताओं ने नहा धोकर मरुवा की रोटी, नोनी के साग और झींगनी के सब्जी का भोजन किया। वहीं झींगनी के पत्ते पर ओठगन देकर पितरों से घर परिवार में अमन चैन के साथ खुशहाल रखने की कामना की।
नहाए खाए को लेकर विभिन्न जलाशयों पर माताओं की भीड़ रही।
इस बार तिथि का उलटफेर नहीं होने के कारण भोर में माताएं सरगही कर पितरों को ओठगन देगी और इसी के साथ रविवार को पूरे 24 घंटे का महा उपवास रखेंगी। व्रत को लेकर मरुआ के आटा, नोनी के साग और झींगनी की खूब बिक्री हुई। बाजारों में झींगनी के पत्ते भी खूब बिके। पर्व को लेकर माता में काफी चहल पहल है। पंडितों के अनुसार रविवार को महा उपवास रख अपराह्न में कुश के जीमूतवाहन बनाकर चीलो सियारो की कथा श्रवन करेंगी। सोमवार की सुबह 6:32 के बाद माताएं पारण कर व्रत का समापन करेंगी। महिलाओं ने बताया कि यह पर्व काफी कष्टदायक है। पर्व पर वे मुंह में कुछ रखना तो क्या दांतून भी करना वर्जित रहता है। यह व्रत काफी नियम पूर्वक की जाती है।
