बाल विवाह से मुक्ति को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया
बाल विवाह से मुक्ति को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया
लालगंज प्रखंड के मानपुर मोटालूक घटारोडीह पंचायत के महादलित मुसहरी टोला में बाल विवाह से मुक्ति को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया।कार्यक्रम बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के तत्वावधान में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन कार्यक्रम के सहयोग से आयोजित किया गया। इस दौरान स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के सचिव सह कार्यक्रम निदेशक डॉ.सुधीर कुमार शुक्ला ने बताया कि बाल विवाह जैसे कुरीतियों को जड़ से समाप्त करने और वैशाली को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने के उद्देश्य से लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जा रहा हैं।
अभियान के तहत लोगों को बाल अधिकारों और इसकी सुरक्षा से संबंधित विषय जैसे बाल विवाह,बाल श्रम,बाल यौन-शोषण और बाल तस्करी के सम्बन्ध में जानकारी और इससे होने वाले दुष्परिणामों को बताया जा रहा हैं। इस अवसर पर अधिकार मित्र संतोष कुमार ने बताया की बाल विवाह एक सामाजिक बुराई और गैरकानूनी है। भारत में लड़कियों के शादी की उम्र 18 वर्ष और लड़कों के लिए 21 वर्ष निर्धारित की गई हैं ।इससे कम उम्र में की गई शादी को बाल विवाह माना गया है।बाल विवाह करने पर दोषियों को ₹100000 जुर्माना और 2 साल की जेल या दोनों सजाएं एक साथ हो सकती हैं। बाल विवाह होने से जहां बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य,सुरक्षा और समग्र विकास में बाधा उत्पन्न करती है,वहीं बाल विवाह के जाल में फंसे बच्चियों के सपने को साकार होने से रोकता है। बाल विवाह समाप्ति को लेकर वैशाली जिले के विभिन्न धार्मिक स्थानों जैसे मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारों में भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है,जहाँ धर्मगुरुओं द्वारा बाल विवाह बाल विवाह नहीं कराने और इसे समाप्त करने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की शपथ ली जा रहीं हैं।इस के दौरान लोगों ने अपने बच्चियों का बाल विवाह नहीं करने और समाज से बाल विवाह को समाप्त करने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम मे चंद्रदीप कुमार,रामबृक्ष मांझी,सुरेश मांझी,सुबोध मांझी,मुन्ना मांझी, सुरेंद्र मांझी,नीलिया देवी,मंजू देवी,ऋणी देवी,अनूपी देवी, शीला देवी,शकीला देवी,गीतमाला देवी, बबिता देवी, सरिता देवी, कालिया देवी, किंतुला देवी आदि मौजूद थे।
