पंडाल में शारदीय नवरात्रि की कलश स्थापना को लेकर निकाली शोभायात्रा
पंडाल में शारदीय नवरात्रि की कलश स्थापना को लेकर निकाली शोभायात्रा
महुआ के फुलवरिया पूर्वी में कलश यात्रा के साथ शारदीय नवरात्र शुरू
महुआ। रेणु सिंह
पूजा पंडाल में शारदीय नवरात्र की कलश स्थापना को लेकर सोमवार को 551 महिलाओं ने जलभरी की और शोभायात्रा निकालकर लोगों को भाईचारा, प्रेम, सहिष्णुता और अपनत्व का संदेश दिया।
यह कलश यात्रा महुआ के फुलवरिया पूर्वी पूजा पंडाल स्थल से निकलकर पंचमुखी चौक, जवाहर चौक से थाना चौक, वाया नदी सड़क पुल पारकर गांधी चौक, बच्चन शर्मा स्मारक से गोला रोड होकर कुलदीप चौक होते हुए कालीघाट पहुंची। जहां पर पहलेजा धाम से मंगाए गए पवित्र गंगाजल को मंत्रोचार के बीच कलश में भरा गया। वहां से श्रद्धालु महिलाएं गंगाजल से भरा कलश को माथे पर लेकर पुन उसी रास्ते 10 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए पूजन स्थल पहुंची। जहां पर विधि विधान के साथ कलश को स्थापित किया गया। शोभायात्रा के आगे और पीछे आर्केस्ट्रा ट्रॉली भक्ति गीत गाते चल रही थी। वही श्रद्धालुओं के साथ जदयू के प्रदेश महासचिव जागेश्वर राय, राजेश सिंह व मुख्य यजमान के साथ अन्य श्रद्धालु भी आगे आगे पैदल चल रहे थे। कलश यात्रियों के साथ सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु सनातन धर्म के झंडा लिए देवी देवताओं के जयघोष करते चल रहे थे। कलशयात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में आस्था और भक्ति परवान पर थी। लंबी दूरी तय करने के बावजूद उनमें उत्साह और उमंग कम नहीं था।
कलश स्थापना के साथ चारों ओर गूंजने लगे देवी सप्तशती के मंत्र:
शारदीय नवरात्र के कलश स्थापना सोमवार को होने के साथ ही चारों ओर देवी सप्तशती के मंत्र गूंजने लगे हैं। लोगों में आस्था और भक्ति परवान चढी है। बच्चे से लेकर युवा वर्ग और बुजुर्ग महिला-पुरुष देवी पूजन में लगे हैं। महुआ के गांधी स्मारक, पातेपुर रोड, मुजफ्फरपुर रोड के राम लखन सिंह मार्केट, पुराना बाजार, पुराना देवी स्थल पुरानी हाट, जवाहर चौक, मंगरू चौक, पंचमुखी चौक, तिवारी जी के मेला, कन्हौली बाजार, रानीपोखर, बिरना, बेलकुंडा, बेरई, सेंदुआरी, कड़ियों, भूतनाथ चौक, हरपुर ओस्ती, डोगरा, शाहपुर भदवास, छतवारा, कुशहर, हरपुर बेलवा भवानी चौक, हरपुर मिर्जानगर, मधौल, हकीमपुर, शेरपुर प्यारे, पहाड़पुर सहित पांच दर्जन पूजा पंडालों के अलावा देवी मंदिर और घर-घर में कलश स्थापना के साथ या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः के मंत्र गूंज रहे हैं।
