बच्चों के सम्मान में उनके अधिकारों, शिक्षा और कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए ही हम बाल दिवस मनाते है: शशि भूषण
बच्चों के सम्मान में उनके अधिकारों, शिक्षा और कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए ही हम बाल दिवस मनाते है: शशि भूषण
बच्चे देश का भविष्य हैं,उनके सम्मान में बच्चों के अधिकारों, शिक्षा और कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए ही हम बाल दिवस मनाते हैं,यह दिन बच्चों के लिए समर्पित होता है उक्त बातें वरिष्ठ पत्रकार और हाजीपुर के टैगोर एंड किड्स हाई स्कूल के निदेशक शशि भूषण कुमार ने बताई.
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे सदर अस्पताल के पूर्व चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर अमर आलोक ने कहा-भारत में बाल दिवस 14 नवंबर को मनाया जाता है। हर वर्ष इस दिन सभी बच्चे खुशी और उत्साह के साथ दिखते हैं।
बाल दिवस पंडित जवाहर लाल नेहरू जी के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है।
बाल दिवस बताता है कि पंडित नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में हुआ था।पंडित नेहरू को बच्चे बहुत प्यारे थे, इसलिए बच्चे उन्हें चाचा नेहरू कहते थे।
वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में पहुंचे सदर अस्पताल के पूर्व ओटी असिस्टेंट झा जी ने कहा-शायद ही आप जानते हों कि पहले देश में 20 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाता था। 1964 में पंडित नेहरू के निधन के बाद 14 नवंबर को बाल दिवस घोषित किया गया। नेहरू जी कहा करते थे कि आज के बच्चे ही कल का भारत बनाते हैं। स्कूल की प्रभारीय प्राचार्य सुष्मिता वर्मा ने कहा- बाल दिवस हमें याद दिलाता है कि बच्चों की देखभाल और शिक्षा हमारी जिम्मेदारी है।इस दिन स्कूलों में डांस, खेल, भाषण और निबंध प्रतियोगिताएं होती हैं और आज इस स्कूल में हो भी रहा है. बाल दिवस हमें सिखाता है कि हमेशा अपने अंदर के बच्चे को जीवित रखना चाहिए।
बाल दिवस के अवसर पर टैगोर किड्स एंड हाई स्कूल हाजीपुर के सभागार में श्रद्ध पूर्वक याद किये चाचा नेहरू। सबसे पहले उपस्थिति लोगों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया।इस अवसर पर शिक्षकों ने चाचा नेहरू के व्यक्तिव एवं कृतित्व की विस्तार से चर्चा किया। बच्चों ने भी उनकी जीवनी पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर स्कूल के बच्चों के साथ-साथ बच्चों के लिए मंच संचालन कर रहे शिक्षक नीतीश मिश्रा, रूबी कुमारी,सुप्रिया कुमारी, विवेक विशाल,नेहा कुमारी, रोशन रोशनी, रेनू सिंह,लुबना नवाज, साक्षी श्रीवास्तव एवं कुंदन कृष्णा सभी शिक्षक -शिक्षिका उपस्थिति थी।
