आपदा प्रबंधन हेतु एनडीआरएफ का नौ दिवसीय जागरुकता अभियान जारी
आपदा प्रबंधन हेतु एनडीआरएफ का नौ दिवसीय जागरुकता अभियान जारी
रिपोर्ट:नसीम रब्बानी, बिहार
हाजीपुर: गृह मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार एवं जिलाधिकारी वैशाली, श्रीमती वर्षा सिंह के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) द्वारा जिले के विभिन्न अंचलों में चलाए जा रहे 09 दिवसीय फैमिलीराइजेशन एक्सरसाइज (फैमेक्स) के दूसरे दिन आज हाजीपुर अंचल में विशेष प्रशिक्षण सह जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
यह अभियान 02 जनवरी 2026 से प्रारंभ होकर 12 जनवरी 2026 तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित किया जाना है। इसका मुख्य उद्देश्य सामुदायिक स्तर पर आपदाओं के प्रति जागरुकता पैदा करना और संकट प्रबंधन में जन भागीदारी को सुदृढ़ बनाना है।
आज के कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं:
प्रतिभागीः कार्यक्रम में अंचल कार्यालय के कर्मी, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए।
प्रमुख उपस्थितिः इस अवसर पर प्रभारी पदाधिकारी (आपदा प्रबंधन) वैशाली, अंचलाधिकारी (को) हाजीपुर एवं अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण के मुख्य बिंदुः एनडीआरएफ के विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक (प्रैक्टिकल) प्रशिक्षण दिया गयाः
भूकंप सुरक्षाः भूकंप आने की स्थिति में ‘ड्रॉप. कवर. होल्ड’ तकनीक और बचाव के तरीकों की जानकारी दी गई।
सी.पी.आर (सीपीआर): हृदय गति रुकने की स्थिति में जान बचाने के लिए दी जाने वाली प्राथमिक चिकित्सा का प्रदर्शन किया गया।
डूबने से सुरक्षा (ड्राउनिंग सेफ्टी): डूबने की घटनाओं से बचाव के गुर सिखाए गए।
कबाड़ से जुगाड़ (इंप्रोवाइज्ड इक्विपमेंट): घरेलू कचरे और अनुपयोगी वस्तुओं (जैसे खाली बोतलें, प्लास्टिक डब्बे, बांस आदि) का उपयोग करके आपातकालीन लाइफ जैकेट और स्ट्रेचर बनाने की विधि सिखाई गई।
अधिकारी का संदेशः जिलाधिकारी वैशाली ने अपने संदेश में कहा कि आपदा के समय “प्रथम अनुक्रियाकर्ता” (फर्स्ट रिस्पांडर) स्थानीय समुदाय ही होता है। यदि लोग प्रशिक्षित होंगे, तो जान माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सकता है।
