धार्मिक न्यास बोर्ड के परी सम्पत्ति का प्रशासन अविलंब सर्वेक्षण कराएं : गन्नामंत्री प्रमोद कुमार समस्तीपुर(जकी अहमद)
धार्मिक न्यास बोर्ड के परी सम्पत्ति का प्रशासन अविलंब सर्वेक्षण कराएं : गन्नामंत्री प्रमोद कुमार
समस्तीपुर(जकी अहमद)
बिहार सरकार के गन्ना उद्योग एवं विध विभाग के मंत्री प्रमोद कुमार ने समस्तीपुर समाहरणालय सभा कक्ष में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में कहा कि राज्य में भूमि के स्वामित्व का सर्वे तेजी से चल रहा है। इस परिधि में धार्मिक न्यास बोर्ड के न्यास का भी सर्वे जरूरी है। यह कार्य अलग अलग जिला स्तर पर किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि अबतक धार्मिक न्यास बोर्ड की संपति जो अबतक उपलब्ध हो पाई है वह अधूरी है। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि यह कार्य जल्द पूरा हो इसके लिए जिला प्रशासन को निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे पड़े सम्पत्ति को निबंधित एवं अनिबंधित परी सम्पत्ति को अविलंब पता करे ताकि इन भूमियों का संरक्षण एवं संवर्धन हो सके। उन्होनें कहा कि बिहार में 1905 – 1915 तक जो भूमि का सर्वे हुआ उसमे न्यास की जमीन की चर्चा तो है लेकिन इन भूमि का सर्वे अलग से नहीं हो सका। सरकार चाहती है न्यास की भूमि को मंदिर मठ और धार्मिक स्थल का है उसका स्वामित्व उन स्थलों को मिले इसे छिपाया नहीं जाय। उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री एवं भारत के प्रधानमंत्री इस कार्य को प्राथमिकता की सूची में रखे हुए है। उन्होंने समस्तीपुर जिला में मात्र 162 ऐसे मठ मंदिर के परी सम्पत्ति के पता होने को अविश्वसनीय बताया। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार गन्ना कि खेती को बढ़ावा देने के साथ साथ गन्ना चीनी मिलों को सुविधा प्रदान करने हेतु कृत संकल्पित है। उन्होंने कहा कि राज्य में नए गन्ना कि खेती को बढ़ावा हो तथा किसान उत्कृष्ट गन्ना की खेती करे। इसके लिए कई योजनाएं चलाए जा रहे है। इथनॉल का उत्पादन सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने समस्तीपुर के हसनपुर स्थित सुगर मिल में जल जमाव की समस्या के निदान हेतु तत्काल पहल करने कि बात कहीं। उन्होंने इस सम्बन्ध में सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने की बात कहीं। इससे पूर्व वे सभा कक्ष में ही गन्ना उत्पादकों चीनी मिल के प्रबन्धको एवं डीडीसी संजय कुमार के साथ बैठक की तथा वे गन्ना उत्पादकों के साथ रू बरू हुए। ईधर मंत्री को समस्तीपुर पहुंचने पर अहिंसा दल के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार सिंह ने अति वृष्टि से क्षति ग्रस्त गन्ना का मुआवजा देने कि मांग सम्बन्धित स्मार पत्र सौंपा।
