अपनी मजदूरी के लिए दशकों से भटक रहा मनरेगा मजदूर। रिपोर्ट सुधीर मालाकार
अपनी मजदूरी के लिए दशकों से भटक रहा मनरेगा मजदूर।
रिपोर्ट सुधीर मालाकार । महुआ (वैशाली) बीते वर्ष 2011 की घटना है ,जब प्रखंड क्षेत्र के जहांगीरपुर सलखन्नी पंचायत में शैल देवी मुखिया हुआ करती थी। उनके कार्यकाल में मनरेगा के तहत वृक्षारोपण का कार्य बड़े जोर शोर से चला था ।वृक्षों की देखरेख के लिए वनपोषको की बहाली भी हुई थी, लेकिन तत्कालीन मुखिया शैल देवी तथा उनके रोजगार सेवक अजय कुमार के साथ-साथ बिचौलिया राम बरन साह द्वारा एक मजदूर की मजदूरी कराने के उपरांत सीधे-सीधे मजदूर की मजदूरी डकार गए। बताते चलें कि महुआ प्रखंड क्षेत्र के जहांगीरपुर सलखन्नी पंचायत के गैसपुर सलखननी निवासी सुरेंद्र पासवान पिता विजय पासवान ने वर्ष 2011 में मुखिया शैल देवी के कार्यकाल में वृक्षों के बचाने के लिए वन पोषक के कार्य किया था। जिसका जीता जागता उदाहरण आज भी सैकड़ों की संख्या में लगे पेड़ साक्षी बन खड़े हैं ।दुर्भाग्यवश वृक्षों की रक्षा करने वाले के साथ तत्कालीन मुखिया शैल देवी के पुत्र गुड्डू कुमार, बिचौलिया रामबरन साह तथा रोजगार सेवक अजय कुमार ने मजदूरी का पैसा डकार गया। इसके लिए सुरेंद्र पासवान ने प्रखंड ,अनुमंडल ,जिला एवं राज्य के सभी पदाधिकारियों के हैं अपनी शिकायत की ।जांच के आश्वासन के अलावा पीड़ित सुरेंद्र पासवान को आज तक कुछ भी नहीं मिला ।खाने खाने को मोहताज मनरेगा मजदूर अपनी गुहार आला अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों के सामने किया लेकिन किसी का भी दिल इस कार्य में सुरेंद्र का साथ नहीं दिया। मनरेगा कार्य में कितना भ्रष्टाचार है, यह तो सुरेंद्र पासवान सिर्फ एक नमूना है। वैसे हजारों की संख्या में मजदूरों के साथ पंचायत जनप्रतिनिधियों ने घोर अन्याय किया ,जिसे अपनी पैसे एवं रुतबा के बलबूते पर दबा दिया । आखिर इस मजदूर की कसूर क्या थी? इसे न्याय कब मिलेगा? इस यक्ष प्रश्न के जवाब कें इंतजार में दर-दर भटक रहा मनरेगा मजदूर सुरेंद्र।
