पटना नगर निगम वार्ड नो0 57 रो रहा है अपनी बदहाली पर :पूर्व पार्षद राम नाथ चौधरी
पटना नगर निगम वार्ड नो0 57 रो रहा है अपनी बदहाली पर :पूर्व पार्षद राम नाथ चौधरी
वार्ड नो0 57 की बदहाली स्वास्थ्य काया मनुष्य की शक्ति है जो। इस पर ध्यान दे समझदार व्यक्ति है लेकिन पर आज तक ऐसा हुआ है क्या।
PHC राशन कार्ड से राशन कार्ड में से बहुत सारे जनता का नाम उड़ा दिया गया है जिस कारण से आयुष्मान कार्ड बनने में हो रही है परेशानी क्या है पार्षद की मेहरबानी।
अब जब चुनाव का समय आया तो सोशल मीडिया पर दिख रहे है क्या पहले आपके लिए जनता नही था क्या। नेता का मतलब नेता होना चाहिए सभी गरीब आदमी के लिए

सनोवर खान ब्यूरो रिपोर्ट के साथ सुधांशु रंजन की रिपोर्ट।
महापौर सीता साहू और निगम प्रशासन की मिली भगत से निगम का काम काज ठप।
पटना नगर निगम के जितने भी कार्य है सिर्फ कागजों पर।
आखिर लागतार ऐसा देखा गया है कि सफाई कर्मचारी में परेशानी,नाला पानी मे परेशानी, कूड़ा उठाव में परेशानी क्यों?
आखिर जनता और पार्षद इनसब परेशानियों से कब होंगे मुक्त।
करोड़ों टैक्स वसूली के बावजूद नगर निगम नहीं दे पा रहा मूलभूत सुविधा, पटनावासी हैं परेशान
शहर में फैली गंदगी,जमा पानी
कोरोना काल में जहां एक तरफ जनता परेशान है. वहीं दूसरी तरफ करोड़ों रुपये निगम को होल्डिंग टैक्स भरने के बाद भी लोगों को सही तरीके से मूलभूत सुविधा नहीं मिल पा रहा है,
पटनाः नगर निगम शहरवासियों से हर साल होल्डिंग टैक्स के माध्यम से लगभग सूत्रों के अनुसार 45 करोड़ रुपये वसूलता है. ताकि उन्हें मूलभूत सुविधा उपलब्ध करवाया जा सके. लेकिन शहरवासियों का दावा है कि हम टैक्स तो दे रहे हैं. लेकिन जो हमें निगम द्वारा सुविधा मिलनी चाहिए वह मिल नहीं पा रही है.
रुपये वसूलने के बाद भी निगम नगरवासियों को सही तरीके से कोई सुविधा नहीं दे रही है. लोगों का कहना है कि टैक्स देने के बावजूद भी उन्हें सुविधा नहीं मिल पा रही है. हम शहर में इसलिए रहते हैं. ताकि हमें हर तरह से सुविधा उपलब्ध हो सके उसके लिए हम निगम को पैसा भी देते हैं. लेकिन हमें निगम द्वारा कुछ उपलब्ध नहीं हो पाता है.नगर निगम कार्यालयनगर निगम कार्यालयशहरवासियों में सुविधा नहीं मिलने से नाराजगी
शहरवासियों से हर साल जो टैक्स का पैसा जमा होता है उसे निगम विकास के कार्यों में लगाता है. शहरवासियों को मूलभूत सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाती है. निगम प्रशासन का दावा है कि सीमित संसाधन के बावजूद भी हम शहरवासियों को सड़क, पानी, बिजली, कचड़ा उठाओ से लेकर सफाई की पूरी व्यवस्था दे रहे। लेकिन आज तक महापौर को ऐसा नही किया क्या उनको पता है के उनके अंचल अंतर्गत कितने गाड़ियां चलाई जा रही है कितना गाड़ी बिना नो0 का है कितना गाड़ी नो0 का चलाया जा रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि कूड़ा उठाव के बाद कूड़ा को ढक कर ले जाना चाहिए लेकिन ऐसा कुछ भी नही होता है। कोरोना को प्रोटोकॉल को देखते हुए स्टाफ को मास्क लगान अनिवार्य है लेकिन आज तक ऐसा हुआ क्या।
