नहीं रहे शिक्षाविद रत्नेश्वर सिंह क्षेत्र में शोक की लहर । रिपोर्ट सुधीर मालाकार । महुआ( वैशाली) कामेश्वर सिंह मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा से अंगीभूत जी• एम •आर• डी• महाविद्यालय बगरा मोहनपुर समस्तीपुर के रसायन विभाग के व्याख्याता प्रो रत्नेश कुमार सिंह ने लंबी बीमारी के बाद आज सुबह अपने पैतृक निवास स्थान पर अंतिम सांस ली । वैशाली जिले के महुआ प्रखंड अंतर्गत जहांगीरपुर सलखन्नी पंचायत के हरपुर बेलवा ग्राम के स्थाई निवासी थे। वह कुशल वक्ता, समाजिक चेतनशील, मृदुभाषी एवं तर्कशक्ति के जादूगर थे । जब कभी समाजिक उलझन में लोग पढ़ते तो इनकी सोच समझ से हर तरह की समस्याएं यूं छूमंतर हो जाती जैसे पहले कोई समस्या हो ही नहीं ।वे इतने बड़े शिक्षाविद होते हुए भी अपने आप को एक सामान्य लोग की तरह जीवन जीते थे। इनकी खास विशेषता थी वे किसी लल्लो चप्पो जैसी बातों की प्रधानता नहीं देते थे ,जो बातें होती वाकपटुता के आधार पर बड़े ही तार्किक रूप से लोगों के बीच में रखते थे ।जिससे लोग इनके विचार से बहुत प्रभावित होते थे । इनके बड़े पुत्र जहांगीरपुर सलखन्नी पंचायत के पूर्व पैक्स अध्यक्ष उम्मीदवार राजीव कुमार सिंह ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से कई बीमारियों से जूझ रहे थे , उनकी लंबी इलाज चल रही थी लेकिन वे शिक्षा एवं समाज से कभी भी अपने को अलग नहीं रखा । अपने महाविद्यालय में भी उनकी एक अलग पहचान थी । क्षेत्र में चाहे वह कोई गांव या किसी जाति धर्म विशेष के लोग हो सबो से अपनत्व जैसे संबंध थे ।उनके निधन की खबर सुनते ही क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। जो जहां से सुना वहीं से दौड़ा दौड़ा उनके अंतिम दर्शनों के लिए उनके निवास की ओर आए। सबके चेहरे पर उदासी एवं आंखों में आंसू भरे थे। उनके चाहने वाले बार-बार इनकी स्मृतियों को याद कर आंसू को नहीं रोक पा रहे थे क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता ,शिक्षाविद तथा समाज के हर तबके के लोग उन्हें अपनी श्रद्धांजलि देते हुए ईश्वर से सद्गति देने की कामना की है।