April 18, 2026

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महुआ प्रखंड की कन्हौली धनराज पंचायत के किसान धान बेचने के लिए कर रहे सहकारिता विभाग की परिक्रमा/रिपोर्ट रेणु सिंह

महुआ प्रखंड की कन्हौली धनराज पंचायत के किसान धान बेचने के लिए कर रहे सहकारिता विभाग की परिक्रमा
धान बिक्री के लिए जानकारी लेने गए किसान की बात सुनकर तमतमाए पदाधिकारी
महुआ। रिपोर्ट रेणु सिंह
सरकारी तौर पर धान की खरीदारी नहीं किए जाने से किसान बिचौलियों के गिरफ्त में है। महुआ प्रखंड की कन्हौली धनराज पंचायत के किसानों ने समस्या को सुनाते हुए बताया कि सरकारी तौर पर उनकी धान की खरीदारी नहीं की गई। जिससे वे लोग बिचौलिया से औने पौने भाव में उसे बेचने को मजबूर हैं।
किसानों ने बताया कि मौसम प्रतिकूल होने के बावजूद विपरीत परिस्थिति में पूंजी लगाकर उन्होंने धान की खेती की थी। कठिन परिश्रम और पूंजी लगाकर खेती करने के बावजूद उपज अच्छी नहीं हुई। इसी में जो उपज हुई उसकी बिक्री के लिए सरकारी व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने बताया कि अपनी उपज को उचित मूल्य पर बेचने के लिए सहकारिता विभाग का चक्कर लगा रहे हैं। जबकि विभागीय अधिकारी उनके सुनने को तैयार नहीं है। यहां तक कि जब किसान उनके पास शिकायत लेकर गए तो वे तमतमा गए और उल्टे उन्हें बिचौलिया बता कर भगा दिया। कन्हौली धनराज पंचायत के पानापुर वार्ड संख्या 9 के धान उत्पादक किसान राम पुकार राय, शिवशंकर राय, अवधेश कुमार, राजकिशोर राय, ललिता देवी, जितेंद्र कुमार, राजकुमार राय, जयकुमार राय, योगेंद्र राय, पंजाबी राय, रामेश्वर राय, हरेंद्र राय, बिंदेश्वर राय, विजय कुमार, मेघन राय, सुमन राय, अमन राय आदि ने बताया कि वेलोग धान की बिक्री के लिए भटक रहे हैं। सरकारी तौर पर इसकी खरीदारी नहीं की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि महाजन से कर्ज में पूंजी लेकर खेती करते हैं। जबकि एक उपज को बेचकर दूसरी फसल लगाते हैं। रबी फसल की बुआई के लिए उन्हें बिचौलियों से ओने पौने भाव में धान बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा। अभी भी किसान धान की बिक्री करने के लिए सहकारिता विभाग के पास दौड़ लगा रहे हैं पर उनकी कोई सुनने वाला नहीं है।
शिकायत लेकर गए किसान को बता दिया बिचौलिया:
कन्हौली धनराज पंचायत के पानापुर के कुछ किसान धान की खरीदारी नहीं होने की शिकायत लेकर जब हाजीपुर सहकारिता कार्यालय पर गए तो पदाधिकारी उनकी बात सुनकर तमतमा गए। पदाधिकारियों ने उल्टे उन्हें बिचौलिया बताकर फटकार कर भगा दिया। किसान राम पुकार राय, शिव शंकर राय, अवधेश कुमार आदि ने बताया कि उनके पंचायत में धान की खरीदारी सरकारी तौर पर नहीं की गई। इसको लेकर सहकारिता विभाग से लेकर उच्च पदाधिकारी के कार्यालय तक शिकायत लेकर पहुंचे। जहां उन्हें उल्टे बिचौलिया बता कर भगा दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि सहकारिता कार्यालय में बताया गया कि उनके पंचायत से 129 क्विंटल धान की खरीदारी की गई है। यह सुनकर वे लोग हैरत में पड़ गए। किसानों का यह भी कहना है कि जब पैक्स अध्यक्ष बताते हैं कि धान की खरीदारी एक छटाक भी नहीं हुई। फिर विभाग 129 क्विंटल खरीदारी कहां से की। उन्होंने यह भी बताया कि बाद में विभागीय पदाधिकारी द्वारा आश्वासन दिया गया था कि उनकी धान की खरीदारी की जाएगी लेकिन कोई देखने सुनने नहीं आया। वे लोग धान की बिक्री नहीं होने से अब उसे औने पौने दाम में बेचने को मजबूर हैं।
एआई केकेएमएस ने जताया गुस्सा:
ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने सहकारिता विभाग के पदाधिकारी द्वारा किसानों को बिचौलिया बताने पर गुस्सा जताया है। उनके द्वारा इसको लेकर जोरदार आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया है। शुक्रवार को संगठन के सदस्यों ने कहा कि जब किसान शिकायत लेकर जाते हैं तो उल्टे उन्हें बिचौलिया बता कर भगा दिया जाता है। जबकि बिचौलिया को पदाधिकारी किसान का कहकर उससे धान की खरीदारी करवाते हैं। संगठन के ललित कुमार घोष, विश्वनाथ साहू, रविंद्र कुमार आदि ने बताया कि इसके लिए जोरदार आंदोलन चलाया जाएगा।
पैक्स अध्यक्ष ने कहा कि नहीं हुई एक छटाक भी धान की खरीदारी:
इधर कन्हौली धनराज पंचायत के पैक्स अध्यक्ष अभिमन्यु कुमार सिंह से शुक्रवार को पूछने पर बताया गया कि धान की खरीदारी एक छटाक भी नहीं हुई है। पंचायत में जिन किसानों ने धान की उपज की है बे खुदरा व्यापारी से उसकी बिक्री कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पंचायत के लोगों ने धान की फसल बाढ़ और बारिश से क्षति होने का आवेदन दिया है। जिसके कारण उन्हें इसकी मुआवजा राशि खाते पर भेजी जा रही है। उनकी पंचायत दहनाल होने के कारण धान की खरीदारी नहीं की गई। किसान को जब फसल क्षति का मुआवजा राशि भुगतान हो रहा है तो उसकी खरीदारी कहां से होगी। बताया गया कि यह पंचायत गोरौल प्रखंड से महुआ में जुड़ने के बावजूद सहकारिता संबंधित कार्य गोरौल से ही होता है।

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