चेहराकला सीओ कोर्ट के आदेश के बावजूद भी बिना दखल दहानी कराए बैरंग वापस लौटे।रिपोर्ट सुधीर मालाकार । चेहराकला(वैशाली) माननीय अवर न्यायाधीश द्वितीय हाजीपुर पत्रांक संख्या 123दिनांक 18/ 2/22 इजराइल वाद संख्या 1/18 अरुण सिंह बनाम रामदेव प्रसाद ग्राम बखरी दोआ ,पंचायत वस्तीसरसीकन ,थाना संख्या 416 गोरौल ,कटारा ओपी ,जिला वैशाली के बीच भूमि विवाद का फैसला किया गया ।जिसने प्रथम पक्ष अरुण कुमार सिंह के पक्ष में चेहराकला सीओ को दखल दमानी कराने का आदेश दिया गया था। जब चेहरा कला सीओ निशीकांत कुमार ,कटहरा थाना अध्यक्ष फेराज हुसैन , नाजीर सिविल कोर्ट हाजीपुर की उपस्थिति में दखलदहानी की प्रक्रिया सशस्त्र बल के साथ शुरू की गई ,तो दूसरे पक्ष ने प्रतिवाद करते हुए भूमि की मापने की बात कही, जिसे सीओ चेहराकला द्वारा स्वीकार करते हुए सरकारी अमीन द्वारा अगले आदेश को मापी कराते हुए दखल दहानी कराने की बात कही। सिविल कोर्ट हाजीपुर से नाजिर ने बताया यह कोर्ट का आदेश है, इसलिए इसके संबंध में कुछ नहीं कह सकते हैं। वही प्रथम पक्ष अरुण कुमार सिंह ने बताया कि उक्त जमीन के लिए दूसरे पक्ष द्वारा तनाव की स्थिति पैदा किया जा रहा है और उनके लोगों द्वारा धमकी भरे शब्दों में केस को आपस में समझौता करने की बात कहीं जा रही है। श्री सिंह ने बताया कि हम और हमारा पूरा परिवार डरे सहमे हुए हैं ।हम लोगों के साथ कोई भी अप्रिय घटना घट सकती है ।दखल दहानी के लिए प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट चेहराकला सीओ ने कोर्ट के आदेश को अमीन का न होना या फिर मापी का बहाना बनाकर अगले आदेश तक टाल दिया जाना कोर्ट की अवमानना मानी जा सकती है ।किसी भी स्थिति में कोर्ट के आदेश का पालन कराते हुए दखल दहानी की प्रक्रिया को पूर्ण करनी थी, लेकिन चेहराकला सीओ मापी का बहाना बनाकर अगले आदेश तक टाल दिया ।जिससे प्रथम पक्ष द्वारा अधिकारियों के प्रति आशंका जाहिर करते हुए कहा कि कहीं न कहीं इसमें दूसरे पक्ष तथा पदाधिकारियों की मिलीभगत है । खैर ,अब आने वाले समय में ही पता चल सकेगा कि किस प्रकार कोर्ट के आदेश का पालन चेहराकला प्रशासन करती है?