9 माह से वेतन नही मिलने के कारण गोरौल अंचल अधिकारी पर छाया आर्थिक संकट
गोरौल वैशाली जाहिद वारसी की रिपोर्ट ।
9 माह से वेतन नही मिलने के कारण गोरौल अंचल अधिकारी पर छाया आर्थिक संकट । 9 माह से वेतन नही मिलने के कारण अंचल अधिकारी ब्रजेश कुमार पाटिल ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि 9 माह से वेतन नही मिल रहा है ,जिसके कारण भूखे मरने की नौबत आ गई है. बच्चों की शिक्षा बाधित हो रही है. विद्यालयों से फीस जमा करने के लिये लगातार दवाब दिया जा रहा. हम विद्यालय से आज कल करके वक्त मांग रहे है और उन्हें आश्वासन दे रहे हैं. हमारे आश्वासन से ऊबकर विद्यालय प्रशासन ने बच्चो को पढ़ाने से साफ इंकार कर दिया है. बच्चे घर पर बैठे हुए है. पत्नी बिमार है उसे चिकित्सको से दिखाना है , लेकिन पैसा नही रहने के कारण हम विवश होकर केवल देख रहे है. रात दिन कड़ी मेहनत करते है. रात्रि में भी प्रखंड में ही डेरा लेकर रहते है कि सुबह समय पर कार्यालय पहुचे और जनता का कार्य समय पर कर सकें . दाखिल खारिज, एल पीसी , अतिक्रमण सहित अन्य कार्य समय पर पूरा करते है. वही अन्य विभागों के अधिकारी जिला और राजधानी में डेरा लेकर रहते है. इतना सबकुछ करने के बाद भी हमे 9 माह से वेतन नही मिल रहा है. यह कहा का इंसाफ है. महीनों बीत गए हम घर नही गये है क्योंकि घर बाले आवश्यक खर्च के लिये पैसा मांगते है. हमें वेतन नही मिल रहा है तो घर बालो को पैसा कहा से देंगे . वही सीओ ने कहा कि भूखे पेट रहकर हम कैसे काम कर रहे है यह कहने की जरूरत नही है. यहां जनता से सम्बंधित दर्जनों मामले प्रतिदिन आते रहता है. सभी को समुचित उत्तर देना होता है. शनिवार को जमीनी विवाद से सम्बंधित मामले रहते है,जिसे बहुत ही बारीकी से सुलझाना पड़ता है. ये सभी काम हम समय पर करते है. आठ घण्टे के बदले 10 से 12 घण्टे काम करते है और वेतन नही मिलता है. ऐसी स्थिति में हम क्या करे कुछ समझ मे नही आता है. हम भी इंसान है हमारे भी खाहिंस है, लेकिन पैसा नहीं रहने के कारण में मन मशोर कर रह जाते है.
