वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड में सामाजिक अंकेक्षण सोसायटी के तत्वाधान में प्रखंड स्तरीय जनसुनवाई का आयोजन बुधवार को राघोपुर प्रखंड के सभागार में किया गया।
जनसुनवाई में एक-एक कर समस्याओं को सुना गया तथा उसका निष्पादित करने के लिए आवश्यक आदेश पारित किए गए।
जनसुनवाई में मुख्य रूप से मनरेगा, जन वितरण प्रणाली एवं लोहिया स्वच्छता मिशन योजनाओं की सुनवाई की गई । जूरी सदस्य के रूप में स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के सचिव सुधीर कुमार शुक्ला , अनुमंडल पदाधिकारी हाजीपुर अरुण कुमार , सांख्यिकी पदाधिकारी एवं जीविका के सदस्य ने एक-एक कर मामलों की सुनवाई की तथा आवश्यक आदेश पारित किए। जूरी सदस्यों ने जन सुनवाई के दौरान पाया गया की बहुत स्थानों पर शौचालय का निर्माण पूरा नहीं किया गया है परंतु लाभार्थी को पूरी राशि का भुगतान किया जा चुका है। जन वितरण प्रणाली के माध्यम से दी जाने वाली अनाजों में कम अनाज देने की शिकायत बड़े पैमाने पर आई है। साथ ही साथ डीलरों द्वारा रसीद ना देना तथा केंद्रों पर टोल फ्री नंबर नहीं लगाना, मनरेगा के लाभार्थियों के पास जॉब कार्ड ना होना , लाभार्थी द्वारा आवेदन देने के बावजूद रोजगार नहीं उपलब्ध कराना तथा लाभार्थी के पास जॉब कार्ड नहीं दिया जाता है, जिसकी शिकायत बड़े पैमाने पर आई है। जिस पर काफी नाराजगी व्यक्त की गई तथा इस हेतु संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए तथा आदेश पारित किए गए। इस अवसर पर अंकेक्षण टीम एवं डीआरपी मंजू सिन्हा ने एक-एक कर मामलों को रखा तथा विस्तारपूर्वक समस्याओं के संबंध में जानकारी दी। डीआरपी मंजू सिन्हा ने बताया कि राघोपुर प्रखंड के बहरामपुर पंचायत में मनरेगा की कई योजनाओं में धांधली की गई है तथा बिना कार्य की राशि का उठाव किया गया है जिस पर जूरी सदस्यों ने निर्णय लिया कि राशि की रिकवरी कर सरकारी खाते पर जमा कराया जाए। जिस पर जूरी सदस्यों द्वारा आवश्यक निर्णय लिए गए। डीआरपी मंजू सिन्हा ने उक्त आशय की जानकारी देते हुए बताया कि सामाजिक अंकेक्षण सोसायटी द्वारा राघोपुर प्रखंड के सभागार में प्रखंड स्तरीय जनसुनवाई का आयोजन बुधवार को किया गया। जनसुनवाई में राघोपुर प्रखंड के पीओ मनरेगा एवं बहरामपुर पंचायत के पीआरएस उपस्थित नहीं थे । जिस पर जूरी सदस्यों ने निर्णय लिया कर उन पर उप विकास आयुक्त के माध्यम से आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाए। बैठक में विभागीय पदाधिकारी गण, विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधिगण मुखिया गण उपस्थित थे।