March 16, 2026

NR INDIA NEWS

News for all

दवाओं की अपेक्षा अपने जीवनशैली में बदलाव करके पूर्ण स्वस्थ रह सकते हैं।

दवाओं की अपेक्षा अपने जीवनशैली में बदलाव करके पूर्ण स्वस्थ रह सकते हैं।

रिपोर्ट :अब्दूल वाहिद

 

हाजीपुर,हरिहरक्षेत्र// आज दिनांक 10 सितम्बर 2023,रविवार को प्रत्येक माह की तरह “सकारात्मक परिचर्चा” का आयोजन “डिवाईन इंडिया सायंस एण्ड स्प्रिचुअल हैप्पीनेस एसोसिएशन-दिशा” के द्वारा प्राणिक हीलिंग पिरामिड ध्यान केन्द्र,महाराणा प्रताप काॅलोनी में हुआ। सर्वप्रथम सकारात्मकता प्राप्त करने के लिए जूङवें हृदयों पर ध्यान कराई गयी। फिर शहर के प्रसिद्ध अधिवक्ता पं० श्री अरविन्द कुमार शुक्ला जी ने आज के विषय- “हम और हमारा आदर्श स्वास्थ्य” पर बोलते हुए बतलाया की हम दवाओं की अपेक्षा अपने जीवनशैली में बदलाव करके पूर्ण स्वस्थ रह सकते हैं। आयोजन में विडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गोपालगंज से पं० श्री राधेश्याम द्विवेदी जी ने बतलाया की जितना हो सके सात्विक भोजन को ही ग्रहण करें,डिब्बाबंद भोजन से बचें।
आदर्श स्वास्थ्य पर बोलते हुए श्री अभिषेक कुमार उर्फ टिंकु जी ने बतलाया की अगर हम प्राकृतिक रुप से तैयार, जैविक खाद से बना हुआ ही भोजन सामग्री का प्रयोग करें,तो हमें अंग्रेजी दवाइयों की आवश्यकता ही नहीं पङेगी और हमसब इसके साईड ईफेक्ट से भी बच सकते हैं।
मास्टर प्रणव तिवारी ने बतलाया की जब हम सोकर उठते हैं, तो उसी समय से केमिकल यानी सिंथेटिक रसायन के संपर्क में आना शुरू कर देते हैं,साबुन,शैम्पू,टुथपेस्ट इत्यादि के रुप में । हमें इनसे परहेज करना होगा और प्राकृतिक रुप से तैयार सामग्री का ही इस्तेमाल करना होगा। पटना से आये मो०सहवाजज एवं मो० शमिम जी ने सप्ताह में एक दिन उपवास को उपयोगी बतलाया। प्राणिक हीलर एवं दिशा के राष्ट्रीय मिडिया प्रभारी पं० उमेश तिवारी ने बतलाया समस्त समस्याओं का समाधान योग-ध्यान से संभव है। हम इससे आदर्श स्वास्थ्य का लाभ भी ले सकते हैं। धन्यवाद ज्ञापन के क्रम में संस्था के संस्थापक सचिव एवं उन्नत प्राणिक हीलर आचार्य राजेश तिवारी ने बतलाया की अगर हम प्रतिदिन संतुलित रुप से योग-ध्यान करते हैं,सकारात्मक सोच रखते हैं,संतुलित आहार लेते हैं,साथ ही समाज परिवार को भी आदर्श स्वास्थ्य के लाभ से जागरुक करते हैं। तो निश्चित रुप से हम आदर्श स्वास्थ्य के प्रति जागरुक कहे जाएँगे। श्री आचार्य ने बतलाया की नकारात्मक सोच रखने का मतलब है। हम नकारात्मक हार्मोन को अपने शरीर में पनपने दे रहे हैं। यही नहीं हमें अगर नकारात्मक बातों को सुनने में आनन्द आता है। तो भी हम नकारात्मक हार्मोन को बढावा से रहे हैं। अत: हमें सर्वप्रथम अपने सोच को सकारात्मक रखना चाहिए,इसमें ध्यान एवं स्वाध्याय बहुत मदद करता है। अगले अक्टूबर माह के सकारात्मक परिचर्चा का विषय रखा गया है-
*”सहज सुलभ जीवन”*
आयोजन के पूर्णता पर उपस्थित सभी सदस्यों को सकारात्मक युग साहित्य, पत्रिका इत्यादि भेंट उपहार स्वरुप प्रदान किया गया।
आज के दिव्य आयोजन को सफल बनाने में श्रीमती सविता तिवारी, प्रबोध तिवारी, अमित कुमार उर्फ रोमी रयान, श्याम नारायण पासवान, पप्पू कुमार, दीपक कुमार, मंजू देवी, पुष्पांजलि प्रज्ञा, राजू कुमार,एवं डॉ० मुकेश कुमार का सराहनीय सहयोग रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.