शिथिलता बरतने वाले राजस्व कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई जिलाधिकारी
शिथिलता बरतने वाले राजस्व कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई जिलाधिकारी
रिपोर्ट प्रभंजन कुमार
हाजीपुर : अपने कार्यालय कक्ष में राजस्व शाखा के कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि कार्य में शिथिलता बरतने और लक्ष्य प्राप्त नही करने वाले राजस्व कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा जाय। दरअसल जिलाधिकारी अभियान बसेरो-2 अन्तर्गत चल रहे भूमिहीन परिवारों के सर्वेक्षण कार्य की समीक्षा कर रहे थे जिसमें कई अंचलों से अपेक्षाकृत कम प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। अभियान बसेरा सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है जिसके तहत भूमिहीन परिवार को वासस्थल के लिए सरकार 5 डीसीमल जमीन उपलब्ध कराती है। जिला में चल रहे सर्वेक्षण में अभी तक 1519 परिवारों की सूची प्राप्त हुयी है जिसमें पटेढ़ी बेलसर से 37 गोरौल से 39, चेहराकला से 42, महनार से 43 सबसे कम वाले वाले अंचल है। जबकि हाजीपुर से 317, भगवानपुर अंचल से 155, राघोपुर से 155, देसरी से 119 भूमिहीन परिवारों की सूची उपलब्ध हुयी है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी प्रकट की और अंचलाधिकारियों से इसका कारण पूछा गया। अंचलाधिकारियों ने बताया कि कर्मचारियों को स्पष्टीकरण करने पर भी ये कार्य में रूचि नहीं दिखा रहे है। इस पर जिलाधिकारी ने वैसे सभी कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई का प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि सभी डीसीएलआर हल्का कर्मचारियों के कार्यों की नियमित रूप से समीक्षा करें।
जिला में जमाबंदियों के डीजीटाईजेशन के पश्चात अब आधार सीडिंग का कार्य चल रहा है। आधार सीडिंग की प्रगति की समीक्षा में लालगंज, भगवानपुर और बिदुपुर में प्रगति अच्छी पायी गयी। वहीं राघोपुर, वैशाली और हाजीपुर अंचल में यह प्रगति न्यूनतम पायी गयी। सभी अंचलाधिकारियों को जमाबंदियों के विरुद्ध आधार सीडिंग के कार्य में तेजी लाने तथा तीनों डीसीएलआर को प्रतिदिन सुबह के 10:00 बजे और संध्या 5:00/- बजे अंचलाधिकारियों एवं राजस्व कर्मचारियों के साथ वीडियो कॉफ्रेंसिंग कर प्रगति की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया।
ऑनलाईन म्यूटेशन ( दाखिल-खारिज) की समीक्षा में 9447 प्रतिशत आवेदन निष्पादित पाये गये। वैशाली, महुआ और महनार अंचल में यह सर्वाधिक 96 प्रतिशत पाया गया वही गोरौल में सबसे कम 89 प्रतिशत ही पाया गया। राघोपुर अंचल में रिजेक्शन के सबसे अधिक 32 प्रतिशत मामला पाया गया। जिला के सभी अंचलों में कुल 367981 आवेदन म्यूटेशन के प्राप्त हुए जिसमें 347640 का निष्पादन (94.47 प्रतिशत) किया गया है।
परिमार्जन की समीक्षा में कुल 82920 प्राप्त आवेदनों में 81139 का सफल निष्पादन बताया गया। इस मामले में राजापाकर अंचल में बेहतर कार्य की जिलाधिकारी ने सराहना की। राजापाकर में परिमार्जन के कुल प्राप्त 1723 आवेदनों में 1716 का निष्पादन किया गया है।
इस बैठक में अंचलवार लगान वसूली की समीक्षा की गयी जिसमें जिला की उपलब्धि 19.32 प्रतिशत बतायी गयी। सबसे अधिक पातेपुर में 30 प्रतिशत वहीं सबसे कम पटेढ़ी बेलसर में 9.16 प्रतिशत पाया गया। जिला को प्राप्त 13.75 करोड़ की लक्ष्य के विरुद्ध 2.65 करोड़ की राजस्व वसूली की गयी है। सभी अंचाधिकारियों के द्वारा बताया गया कि लगान ऑन लाईन ही जमा किया जाना है। अब ऑफ लाईन जमा नहीं ली जाएगी। जिलाधिकारी के द्वारा इसका व्यापक प्रचार-प्रसार कराने तथा साईबर कैफे के माध्यम से लगान जमा कराने का निर्देश दिया गया।
भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र (एलपीसी) की समीक्षा में प्राप्त आवेदनों में 98.23 प्रतिशत निष्पादित बताया गया। जिला में प्राप्त एलपीसी के 24184 आवेदनों में 23757 आवेदनों का निष्पादन किया गया है। इस मामले में देसरी अंचल प्रथम स्थान पर है जहाँ 251 प्राप्त आवेदनों में 249 का एलपीसी जारी किया गया है।
बैठक में जिलाधिकारी के साथ अपर समाहर्त्ता श्री विनोद कुमार सिंह, उप विकास आयुक्त श्री चित्रगुप्त कुमार, जला भू-अर्जन पदाधिकारी श्री मनोज कुमार, जिला राजस्व शाखा प्रभारी सुश्री कहकसाँ डीसीएलआर हाजीपुर, महुआ, महनार एवं सभी अंचलाधिकारी उपस्थित थे।
