वैशाली में शिक्षा माफिया बच्चा राय के कई ठिकानों पर ईडी की रेड, कई लोगों से हुई पूछताछ
वैशाली में शिक्षा माफिया बच्चा राय के कई ठिकानों पर ईडी की रेड, कई लोगों से हुई पूछताछ
रिपोर्ट प्रभंजन कुमार
हाजीपुर। वैशाली में शिक्षा माफिया बच्चा राय के स्कूल, कॉलेज, घर समेत कई ठिकानों पर ईडी ने रेड की है। रेड सुबह 8.30 बजे से भगवानपुर के किरतपुर राजाराम में चल रही है। पुलिस फोर्स और ईडी की टीम मिलाकर कुल 50 लोग मौजूद हैं। बच्चा यादव ने ईडी की जब्त जमीन और संपत्ति पर कब्जा कर लिया था। नई बिल्डिंग भी बनाई थी। अब वहां इंटर स्कूल खोलने जा रहा था। जमीन को कब्जा लेने के बाद ईडी ने बिहार टॉपर घोटाले के आरोपी बच्चा राय के खिलाफ भगवानपुर थाना में एक प्राथमिकी पर दर्ज कराई थी। मामला वैशाली जिले के भगवानपुर प्रखंड का है, जहां 2016 में हुए इंटर टॉपर घोटाले के मास्टर माइंड बच्चा राय की प्रॉपर्टी को ईडी ने अपने कब्जे में लिया था। धीरे-धीरे आरोपी ने उसी जमीन और अन्य संपत्तियों पर फिर से कब्जा करना शुरू कर दिया। बच्चा राय ने जब्त बिल्डिंग को अपने कब्जे में लेते हुए उस पर अवैध निर्माण भी करा लिया। बताया जा रहा कि शिक्षा माफिया बच्चा राय घर पर ही मौजूद है। ईडी के अधिकारी उससे पूछताछ कर रहे हैं। उसने इंटरमीडिएट स्कूल के लिए बिहार बोर्ड में आवेदन दे दिया। मजे की बात यह कि मान्यता देने के लिए बिहार बोर्ड ने यहां जांच भी कर ली है। इन बातों का खुलासा तब हुआ जब ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर राजीव रंजन ने भगवानपुर थाने में इन संपत्तियों को छुड़ाने के लिए एफआईआर दर्ज कराई। ईडी की एफआईआर के बाद खुलासा हुआ कि बच्चा राय साल 2019 से ही ईडी द्वारा अपनी जब्त संपत्तियों पर कब्जा कर रहा है। ईडी ने बच्चा राय की जिस बिल्डिंग को कब्जे में लिया था आरोपी ने उसी में +2 स्कूल शुरू करने का बोर्ड लगा रखा है। इतना ही नहीं उसने सरकार और बोर्ड को ठेंगा दिखाते हुए उस पर लिख रखा है कि बोर्ड से मान्यता के लिए आवेदित है। वैशाली में स्थित विशुन राय कॉलेज और कॉलेज का प्रिंसिपल बच्चा राय बिहार के शिक्षा महकमे में काबिज सबसे बड़े माफिया के तौर पर सामने आया था। जहां कॉलेज के नाम पर बच्चों को अच्छे नंबर दिलाने और टॉपर बनाने का सिंडिकेट चलाया जा रहा था। 2016 में प्राथमिकी के बाद बच्चा राय की गिरफ्तारी हुई और ईडी ने बच्चा राय के कॉलेज सहित कई संपत्तियों को जब्त कर लिया था। 2019 में 2 हफ्तों की जमानत पर बाहर आने के बाद से वह फरार था।
