तपती धूप और लू के थपेरों में स्कूल जाने को विवस है बच्चे
तपती धूप और लू के थपेरों में स्कूल जाने को विवस है बच्चे
दोपहर में स्कूल से लौटते वक्त लू के शिकार हो रहे छात्र-छात्राएं, उमस की गर्मी और तेज धूप के कारण स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति में हो रही कमी
महुआ। रेणु सिंह
इस समय ज्येष्ठ की तपती धूप और उमस की गर्मी में स्कूल जाने को बच्चे विवश हैं। वहीं दोपहर में छुट्टी होने पर लौटने के दौरान वे लू के शिकार भी हो रहे हैं। सोमवार को तो तापमान काफी अधिक रहा। जिसके कारण कई स्कूली बच्चे रास्ते में बेहोश होकर गिर पड़े।
इस समय तापमान अधिक बढने और उमस की गर्मी होने से स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति भी काफी कम हो रही है। शिक्षक भी बताते हैं कि अभिभावक अपने बच्चों को तेज धूप में स्कूल भेजना नहीं चाहते हैं। स्कूल से दोपहर में लौटते वक्त कई बच्चे लू के शिकार भी हुए हैं। जिनका इलाज चल रहा है। इधर अभिभावकों ने बताया कि इस तपती धूप में चल रहे लू के थपेड़ो में बच्चों को स्कूल भेजना खतरा से खाली नहीं है। स्कूल मॉर्निंग होने के कारण सुबह में तो बच्चे किसी तरह स्कूल चले जाते हैं। जबकि छुट्टी वक्त दोपहर में लौटते वक्त उन्हें तपती धूप और लू के थपेड़ो से गुजरना पड़ता है। खासकर छोटे-छोटे बच्चे को तपती धूप में काफी दिक्कत होती है। अभिभावको ने बताया कि वह इस महीने तपती धूप और उमस की गर्मी होने से बच्चे स्कूल में बेहोश हो जाते हैं। इधर कई अभिभावको ने बताया कि ज्येष्ठ की तपती दुपहरिया में स्कूल से लौटने के दौरान उनके बच्चे लू शिकार हुए हैं। जिसका इलाज चल रहा है। इधर डॉ महेश चौधरी व डॉक्टर केसी विद्यार्थी ने लोगों को लू से बचने की नसीहत दी है। उन्होंने दिन के अधिक तापमान में घर से बाहर नहीं निकलने, छांव में रहने, घर से निकलते वक्त तौलिया या छाता का इस्तेमाल करें। भूखे पेट नहीं निकलने और खूब पानी पीएं, हल्का सूती कपड़ा पहने। उन्होंने यह भी कहा कि लू की शिकायत आने पर मरीज को डॉक्टर के पास ले जाएं।
