दोनों गठबंधन के कार्यकर्ता अपनी-अपनी प्रत्याशी के जीत का लगा रहे कयास
दोनों गठबंधन के कार्यकर्ता अपनी-अपनी प्रत्याशी के जीत का लगा रहे कयास
रिपोर्ट ‘ रेणु सिंह,महुआ वैशाली, NR INDIA NEWS
पांचवे और छट्ठे चरण में हाजीपुर व वैशाली संसदीय क्षेत्र का चुनाव समाप्त होने के साथ ही अब लोगों में गपशप का बाजार भी गर्म होने लगी है। सुबह में चाय की चुस्की के साथ प्रत्याशियों के मिले वोट के आकलन के साथ उनके हार जीत की चर्चा जोरों पर हो रही है। चर्चा में समर्थकों द्वारा अपने-अपने उम्मीदवारों के जीत का दावा भी ठोकी जा रही हैं।
सुबह महुआ बाजार में चाय की चुस्कियों के साथ विभिन्न प्रत्याशियों के समर्थक उनके मिले वोट और उसके अंतर का कयास भी लगा रहे थे। इस बीच उनमें बातों की मतभेद को लेकर तकरार भी होती थी। बाद में वे यह कह कर शांत हो जाते थे कि चाहे कोई जीते हम लोग तो जहां हैं वहीं रहेंगे।
यहां बाजार के गांधी स्मारक के पास एक चाय की स्टाल पर कुछ लोगों की भीड़ जमी थी। वे सुबह में टहलने के बाद वहां चाय की चुस्कियां लेने के लिए रुके थे। हालांकि चाय आने के पहले लोगों की टोली राजनीति की चर्चा गर्म कर रखे थे। भीड़ में कुछ लोग चुनाव में पड़े वोट के आकलन करते हुए प्रत्याशियों को मिलने वाली वोटो की संख्या को गिना रहे थे। वहीं कुछ लोग प्रत्याशियों को मिले वोट को जोड़ते हुए उनकी जीत हार भी तय कर रहे थे। कोई जाति के आधार पर तो कोई पार्टी के आधार पर वोटो का आकलन कर रहा था। इधर दुकानदार चाय बनाते हुए चुनावी चर्चा सुनने के साथ लोगों की मन मिजाज को भी भांप रहा था। इसी बीच एक महानुभाव बोल उठे की अड़े भाई अब चाय मिलने में कितनी देर लगेगी। चुनाव की चर्चा सुनने में मशगूल दुकानदार की ध्यान टूटी और उसने चाय को छानकर मिट्टी की कुरबा में भरते हुए लोगों को थमाना शुरू किया। हाथ में चाय मिलते ही लोगों का गपशप और तेज हो गया। इसी बीच विभिन्न दलों के कार्यकर्ता भी वहां सुबह की चाय पीने के लिए पहुंच गए। बस क्या था, चुनावी चर्चा तो ट्रेन की रफ्तार की तरह जोर पकड़ने लगी। यहां चर्चा में कभी तर्क वितर्क भी हो जा रहे थे। क्योंकि विभिन्न दल के कार्यकर्ता अपने-अपने उम्मीदवार को जीत होने का दावा ठोकने से बाज नहीं आ रहे थे। उधर भीड़ में राजनीति से संबंध रखने वाले अपने-अपने प्रत्याशी के जीतने की बात सुनकर कभी तालियां लगाते तो कभी पिहकारी भी मारते थे। चुनावी चर्चा को लेकर वातावरण काफी रोचक हो चला था। उधर दुकानदार चाय की खपत बढ़ाने के लिए बगैर कहे दूसरी कुरबा भी लोगों को थमाना शुरू किया। इधर चुनावी गपशप में सूरज की किरण ऊपर आई और फिर लोग समय को देखते हुए दुकानदार को चाय का पैसा थमाया। फिर वे अपने-अपने घर को चले गए।
