जेसीबी से नाले की हो रही साफ सफाई के कारण कई स्लैब और नाले की दीवार टूट जाने के कारण दुकानदारों को हो रही परेशानी
जेसीबी से नाले की हो रही साफ सफाई के कारण कई स्लैब और नाले की दीवार टूट जाने के कारण दुकानदारों को हो रही परेशानी
महुआ। रेणु सिंह
बरसात में होने वाली महुआ बाजार में जल जमाव से मुक्ति दिलाने को लेकर नगर परिषद के द्वारा नाले की साफ सफाई शुरू कराई गई है। दिन में ग्राहकों की भीड़ और जाम की समस्या को देखते हुए यहां जेसीबी से रात को नाले की सफाई कराई जा रही है। हालांकि साफ सफाई करने में नाले का दीवार और स्लैब टूट जाने से दुकानदारों को परेशानियां भी हो रही है
रविवार को नगर परिषद से मिली जानकारी के अनुसार शहर को बरसात में जल जमाव से मुक्ति दिलाने को लेकर नाले की साफ सफाई शुरू की गई है। यहां गोला रोड सहित विभिन्न सड़कों पर बने नालों में कचरा भरे होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पाती। जिसके कारण हल्की बारिश में ही महुआ बाजार टापू बन जाता है। लोगों को कीचड़ भरे पानी से तैर कर चलना मजबूरी होता है। इस समस्या को दूर करने के लिए नगर परिषद द्वारा गंदगी से भरे नाले की साफ सफाई की जा रही है। साफ सफाई के दौरान बाजार वासियों से नाले में कूड़े-कचरे, प्लास्टिक आदि नहीं फेंकने की सलाह दी जा रही है। इसके लिए नगर परिषद द्वारा व्हाट्सएप और लाउडस्पीकर से प्रचार प्रसार के माध्यम से लोगों को जागरुक भी किया जा रहा है।
नाले के स्लैब और दीवार टूटने से दुकानदार परेशान:
इधर बाजार के दुकानदारों का कहना है कि जेसीबी से हो रही नाले की साफ-सफाई में स्लैब टूट जा रहे हैं। वहीं नाले का दीवार भी दरककर गिर जा रहा है। नल का गंदा कचरा सड़क पर रखकर छोड़ दिया जाता है। जिसकी बदबू से रहना मुश्किल होता है। दुकानदारों का कहना है कि नाला उड़ाही के दौरान हो रही लापरवाही के कारण उन्हें कई कठिनाइयों से गुजरना पड़ता है। दुकान के सामने कूड़े कचरे की ढेर, स्लैब विहीन खुले नाले होने के कारण ग्राहक नहीं पहुंच पाते। जिसके कारण बोहनी भी नदारद हो जा रही है। उनका यह भी कहना है कि यहां जो भी नाले बने हैं। उससे पानी की निकासी नहीं हो पाती। क्योंकि नाले से जल निकासी का कोई स्रोत ही नहीं बनाया गया है। पूर्व नगर पार्षद अरुण कुमार सिंह ने बताया कि साफ सफाई में नाले के दीवार और स्लैब टूट जाने से दुकानदारों को दिक्कत हो रही है। इसकी सूचना कार्यपालक पदाधिकारी को दी गई है।
