अपने लक्ष्य की प्राप्ति के संकल्प के साथ विदा हुए संत जोसेफ स्कूल के दशम वर्ग के विद्यार्थी ।
अपने लक्ष्य की प्राप्ति के संकल्प के साथ विदा हुए संत जोसेफ स्कूल के दशम वर्ग के विद्यार्थी ।
महुआ वैशाली से सुधीर मालाकार की रिपोर्ट.
महुआ (वैशाली )हर अलविदा एक शुभारंभ है ।संत जोसेफ विद्यालय, सिंघाड़ा के सभागार में आशीर्वचन समारोह की शुरूआत हुई। कार्यक्रम की शुरुआत कक्षा नौवीं के छात्र-छात्राओं द्वारा अपने वरिष्ठ सभी विद्यार्थियों को पुष्प वर्षा के साथ सभागार कक्ष में प्रवेश कराया। वही सभी शिक्षकों ने रोली चंदन लगाकर उन्हें स्थान दिया। कार्यक्रम को विधिवत दीप प्रज्वलन जिसमें विद्यालय के प्राचार्य विवेक निदेशक सत्येंद्र कुमार सिंह ,शैक्षिक समन्वयक सीमा सिंह के साथ-साथ विद्यालय के पूर्व व वर्तमान विद्यालय कप्तानों ने मिलकर किया। दीप मंत्र से शुभारंभ इस कार्यक्रम की प्रथम सत्र में सांस्कृतिक समृद्धि को आगे बढ़ते हुए नवम कक्षा के विद्यार्थियों ने -नियति भेद नहीं करती जो लेती है वह देती है —सामूहिक रूप से भावगीत गया। दशम वर्ग की छात्र-छात्राओं ने इतनी शक्ति हमें देना दाता गाकर अपनी मनोभावों को दर्शाया। सभी बच्चों ने अपने-अपने ग्रुप द्वारा वातावरण को झंकृत कर मंत्र मुग्ध किया।। विदाई समारोह के दूसरे सत्र में विद्यालय के कप्तानों ने अपने शिक्षकों के व्यवहार एवं उनके प्रयास को पितृ वत -मातृवत बताते हुए विद्यालय को अपना दूसरा घर बताया। विभिन्न कक्षा की प्रतिनिधि छात्र-छात्राओं ने अपने बड़े सभी विद्यार्थियों को अपनी प्रेरणा स्रोत बताया। शिक्षकों ने भी बच्चों को उनकी शानदार और मजेदार यादों से प्रोत्साहित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस जीवन यात्रा में हमने आपके रास्तों को प्रशस्त किया है। प्राचार्य विवेक ने कहा कि हमारी शुभकामनाएं आपके स्वर्णिम भविष्य के साथ सदैव आपको ऊर्जावान रखेंगे। बच्चों को उत्साहित करते हुए अपने व्यक्तित्व को इतना सुंदर बनाओ की साबित न करना पड़े। अति आवश्यक है कि तुम खुद के प्रति ईमानदार बनो और बेहतर इंसान बनने के लिए हर संभव प्रयास करो। वहीं विद्यालय के निदेशक सत्येंद्र कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत करने को प्रोत्साहित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बच्चे अपने लक्ष्य के प्रति तब तक अग्रसर रहे ,जब तक वह आपको हासिल ना हो जाए। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की मैनेजर श्रीमती सीमा सिंह ने बच्चों को समझाते हुए सीख दी कि सकारात्मक सोच ही तुम्हें स्वस्थ और सफल बनाएगी। कार्यक्रम का अंत शिक्षकों द्वारा नौवीं दसवीं के छात्र-छात्राओं की मेजबानी से समाप्ति की।
