शहादत दिवस पर श्रद्धापूर्वक याद किए गए शहीद-ए-आज़म भगत सिंह ,सुखदेव, राजगुरु।
रिपोर्ट सुधीर मालाकार।
महुआ (वैशाली)शहीद-ए-आज़म भगत सिंह के शहादत दिवस के अवसर पर ताजपुर बुज़ुर्ग स्थित सामुदायिक भवन, नया चौक पर ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स आर्गेनाइजेशन की ओर से एक विचार गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव के तस्वीर पर माल्यार्पण से हुआ। कार्यक्रम में वक्ताओं ने भगत सिंह के विचारों, उनके क्रांतिकारी संघर्ष और वर्तमान समय में उनकी प्रासंगिकता पर चर्चा की। गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में शिक्षाविद रविंद्र प्रसाद सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता जीतू पासवान, मुकेश पंडित, एआईडीएसओ के महुआ अनुमंडल कमेटी के सहसंयोजक विक्की कुमार एवं नीतीश कुमार ने अपने विचार रखे। भगत सिंह केवल एक क्रांतिकारी ही नहीं, बल्कि एक महान विचारक भी थे। वे मानते थे कि असली आज़ादी सिर्फ़ ब्रिटिश शासन से मुक्ति नहीं, बल्कि शोषणमुक्त समाज की स्थापना में है। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक जागरूकता का महत्वपूर्ण माध्यम माना था और कहा था कि क्रांति की तलवार विचारों की सान पर तेज़ होती है। गोष्ठी में भगत सिंह के विचारों की वर्तमान स्थिति में प्रासंगिकता पर चर्चा करते हुए देश में शिक्षा से जुड़ी समस्याओं को रेखांकित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि आज़ादी के दशकों बाद भी शिक्षा का व्यापारीकरण, सरकारी शिक्षण संस्थानों की बदहाली और महंगी फीस गरीब एवं मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है। इस संदर्भ में ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (AIDSO) द्वारा शिक्षा के व्यापारीकरण, बढ़ती फीस, सीटों की कमी और सरकारी संस्थानों की गिरती हालत के खिलाफ चलाए जा रहे आंदोलनों की चर्चा हुई। वक्ताओं ने छात्रों से इस संघर्ष को तेज करने और शिक्षा के अधिकार की रक्षा के लिए संगठित होने का आह्वान किया। कार्यक्रम में निशांत राज, स्नेहा कुमारी और पूजा कुमारी ने जनवादी और क्रांतिकारी गीत प्रस्तुत किए, जिससे सभा में उत्साह और जोश का माहौल बना। इस अवसर पर ऋतिक कुमार, प्रकाश कुमार, गौतम कुमार, सचिन कुमार, अविनाश कुमार, मुसर्रत खातून, मंशा परवीन समेत कई छात्र-छात्राएं एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित थे ।इसकी जानकारी विक्की कुमार ने दी।