जिउतिया व्रत पर माताओं ने उपवास रख सुनी चीलो सियारो की कथा कुश के जीमूतवाहन बनाकर की पूजा अर्चना, पर्व को लेकर माताओं में आस्था और भक्ति रही परवान पर महुआ। रेणु सिंह
जीवित्पुत्रिका (जिउतिया) व्रत पर रविवार को माताओं ने निर्जला उपवास रख पंडितों से चीलो सियारो की कथा सुनी और कुश के जीमूतवाहन बनाकर उनकी पूजा अर्चना की। पर्व को लेकर माताओं में आस्था और भक्ति परवान पड़ रही। उन्होंने इस पर्व पर मुंह में एक तिनका रखना से भी परहेज किया। यह पर्व माताओं द्वारा पुत्रों को दीर्घायु होने और उन्हें काल कल्वित से बचाने को लेकर आस्था और भक्ति के बीच नियम पूर्वक की जाती है। महुआ इलाके में यह पर्व को लेकर आस्था और भक्ति सिर चढ़कर बोली। महुआ के महावीर मंदिर, कालीघाट, कन्हौली मंदिर, सरसई, डुमरी, गोविंदपुर, विष्णु मंदिर सेहान, शिव मंदिर परसौनिया, लक्ष्मीपुर, नाथ बाबा मंदिर गद्दोपुर सहित विभिन्न जगहों के मंदिरों पर कथा सुनने के लिए माताओं की भीड़ हुई। बताया गया कि इस पर्व को माताओं द्वारा करने से उनके पुत्र दीर्घायु होते हैं और विपदा नहीं आती। माताओं द्वारा पितरों को ओठगन देकर उन्हें तृप्त की जाती है। जिससे उनकी कृपा बनी रहती है। सोमवार की सुबह 6:32 के बाद माताएं गाय के दूध ग्रहण से व्रत का समापन करेंगी।