अंजुमन कारवाने मिल्लत वेलफेयर ट्रस्ट के 18 साल पूरे होने पर होगा स्थापना दिवस का प्रोग्राम
अंजुमन कारवाने मिल्लत वेलफेयर ट्रस्ट के 18 साल पूरे होने पर होगा स्थापना दिवस का प्रोग्राम
होगा तारीख का ऐलान कई गणमान्य लोगों को अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा
मधुबनी संवाददाता मो सालिम आजाद
अंजुमन कारवाने मिल्लत वेलफेयर ट्रस्ट एक दिनी और सामाजिक कार्य करने वाली तंजीम जिसकी स्थापना 2008 में मोहल्ला फैजुल्लाहखां खान चौक में शहर के कई गणमान्य लोगों और ओलमा की मौजूदगी में हुई इन 18 सालों में इस ट्रस्ट ने दरभंगा में इतना काम किया कि शायद अब तक किसी और तंजीम ने इतना काम नहीं किया और यह सारे काम तंजीम से मोहब्बत करने वाले अच्छे लोगों के डोनेशन और उनकी मदद से मुकम्मल हुआ इस तंजीम की एक खासियत ये भी है के जब भी कोई दीनी या समाजिक काम होता है तो इसके तमाम मेंबर उस काम मे अपना डोनेशन जरूर देते हैं ट्रस्ट के अध्यक्ष रियाज खान कादरी ने कहा कि ट्रस्ट के 18 वर्ष पूरे होने की खुशी में बहुत जल्द स्थापना दिवस का एक बहुत बड़ा प्रोग्राम रखा जाएगा तारीख की घोषणा जल्द की जाएगी जिसमें जिला प्रशासन और गणमान्य व्यक्तियों से वक्त लेने के बाद उन्हें चीफ गेस्ट के तौर पर उन्हें आमंत्रित किया जाएगा उस कार्यक्रम में एजुकेशन फील्ड हो डॉक्टरी फील्ड हो पत्रकारिता क्षेत्र हो समाजसेवी फील्ड हो उस के अलावा अन्य फील्ड मे किये गए कार्य के लिए कई दर्जन लोगों को अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा अंजुमन कारवाने मिल्लत वेलफेयर ट्रस्ट अभी एक बहुत बड़े काम की तरफ कदम बढ़ाई है इस्लामिक गर्ल्स कॉलेज बनाने के लिए तीन बीघा जमीन एग्रीमेंट कराया है जिसमें तमाम लोगों से मदद की गुजारिश है ताकि जल्द से जल्द जमीन हासिल हो जाए फिर उस पर एक ऐसा कॉलेज बने जिसमें इस्लामी तालीम के साथ साथ दुनियावी तालीम और कोर्स का भी इंतजाम होगा रियाज खान कादरी ने कहा कि ट्रस्ट ने 18 साल मे अब तक जो भी काम किया उस में लोगों ने जो भी मदद किया है हम उनका दिल से शुक्रिया अदा करते हैं और आगे भी उनसे उम्मीद करते हैं कि इसी तरह वह मदद करते रहे ताकि यह ट्रस्ट और भी अच्छे से अच्छा काम करती रहे ट्रस्ट ने कभी पीछे मुड़ के नहीं देखा और ना किसी दूसरे ट्रस्ट का मुकाबला किया बल्कि अपने काम को ईमानदारी से किया अच्छे लोगों और मेंबरों के सहयोग से यही वजह है कि ट्रस्ट आज रजिस्टर्ड है हर साल ऑडिट होता है 12A 80G नीति आयोग दर्पण आईडी CSR लाइसेंस भी ट्रस्ट ने ले रखा हैअंजुमन कारवाने मिल्लत वेल्फेयर ट्रस्ट फैजुल्लाहखां दरभंगा द्वारा 2008 से 2025 तक किए गए कार्य इस तरह है
1,आला हज़रत कॉन्फ्रेंस 2008 और 2013 में आयोजित की गई उस कॉन्फ्रेंस में दरभंगा जिले के 16 इमामों को सम्मानित किया गया था जो लगातार 10 वर्षों से एक मस्जिद में इमामत कर रहे थे और उन चार गणमान्य व्यक्तियों को विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया था जिन्होंने बहुत बड़े-बड़े काम किया जिनमें 1 पीरे तरीकत हज़रत अल्लामा मौलाना सैयद शम्सुल्लाहजान मिस्बाही बाबू हुज़ूर साहब किबला
2.खतीब यूरोप एशिया हज़रत अल्लामा हुसैन सिद्दीकी अबुल हक्कानी अलैहि रहमतो रिज़वान*
3.अमीन शरीयत हजरत अल्लामा मौलाना मुफ्ती अब्दुल वाजिद कादरी रहमतुल्लाह ताला अलैह*
4.हजरत अल्लामा मौलाना मुफ्ती अब्दुल गफ्फार साकिब साहब*
1 रबी-उल-अव्वल शरीफ़ के अवसर पर जुलूसे मोहम्मदी के आयोजन में, पूरे शहर में झंडे, पोस्टर, बैनर, स्वागत द्वार लगाना और प्रत्येक मोहल्ले में सभाएँ करके लोगों को जागरूक करने की ज़िम्मेदारी लेना।
2 , 2013 में डेनमार्क में हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का कार्टून बनाने के विरोध में हजारों की संख्या में मौन जुलूस निकाल कर ज़िलाधिकारी को मेमोरंडम सौंपा
3, 11 वर्षों से हर साल 6 रजब को ख्वाजा गरीब नवाज़ के उर्स के अवसर पर गरीब नवाज़ कॉन्फ्रेंस व नातिया मुशायरा का आयोजन करना और उस कॉन्फ्रेंस में अपने क्षेत्र में किए गए अच्छे कार्यों में योगदान देने वाले कुछ लोगों को पुरस्कार देना।
4, 2008 से 2025 तक, ट्रस्ट ने 78 गरीब लड़कियों की शादी में उन्हें उचित धनराशि देकर मदद की।
5, बिहार मे 2017 और 2019 मे आए बाढ़ के दौरान, फारबिसगंज, किशनगंज भऊवारा बुजुर्ग, चांडीह धनेला, सरैया टेकटार अरेला और शहरी क्षेत्रो में बाढ़ पीड़ितों को सूखा अनाज और कपड़े देकर मदद की गई।
6,दोघरा जाले के एक कैंसर रोगी हाफिज के इलाज में मदद की गई। इलाज के दौरान हाफिज की मृत्यु के बाद, उनके परिवार को भी उचित धनराशि देकर मदद की गई।
7, लॉकडाउन के दौरान, एक महीने तक सामुदायिक रसोई चलाई गई और 500 लोगों के लिए खाना बनाकर ज़रूरतमंदों तक पहुँचाया गया।
8,लॉकडाउन के दौरान, ज़रूरतमंदों तक 1300 सूखे राशन के पैकेट पहुँचाए गए और ज़रूरत पड़ने पर ऑक्सीजन भी पहुँचाई गई।
9,लॉकडाउन मे रमज़ान शरीफ़ के दौरान पूरे महीने आइसोलेशन वार्ड में रोज़ेदारों को इफ्तार और सेहरी का सामान उपलब्ध कराया गया।
10, रमज़ान शरीफ़ और ईद के मौके पर ज़रूरतमंदों को सूखा राशन किट उपलब्ध कराया गया।
11, लॉकडाउन के दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों को भोजन उपलब्ध कराया।
12,कोरोना महामारी के दौरान, अंजुमन कारवाने-मिल्लत वेलफेयर ट्रस्ट ने कबीर सेवा संस्था के सहयोग से सैकड़ों मुस्लिम शवों को नमाज़-ए-जनाज़ा अदा कराकर दफ़नाया और हिंदू शवों के अंतिम संस्कार में मदद की।
कोरोना से मरने वाले सभी मुसलमानों के लिए क़ुरान खानी का आयोजन किया
14 ,पंडासराय के रहने वाले एक गरीब व्यक्ति के घर पर अलबेस्टर और गेट लगवाकर उसकी मदद की।
15,. ट्रस्ट ऐसे कई दर्जन बीमार लोगों के लिए रक्त की व्यवस्था किया जिन्हें रक्त की आवश्यकता हुई
16, 26 अक्टूबर 2024 को, कमतौल में रहने वाले एक बेहद गरीब बच्चे मोहम्मद अमन, जिन्हें ब्रेन टीबी था, गरीबी के कारण इलाज कराने में कठिनाई का सामना कर रहे थे। संस्था ने उन्हें शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया और उनका इलाज करवाया।
17 ट्रस्ट ने कई मस्जिदों के निर्माण में भी मदद की
18. हर साल सर्दियों के दौरान ट्रस्ट द्वारा गरीबों में कंबल वितरित किए जाते हैं। ईद के मौके पर ट्रस्ट द्वारा कुछ गरीबों को उनकी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पैसे भी वितरित किए जाते हैं। इनके अलावा ट्रस्ट ने और भी बहुत सारे सामाजिक कार्य को अंजाम दिया है
रियाज़ खान कादरी ने कहा हमे उम्मीद है कि भविष्य में भी अगर लोग इसी तरह अंजुमन कारवाने मिल्लत वेलफेयर ट्रस्ट की मदद करते रहेंगे, तो और भी धार्मिक और सामाजिक कार्य होते रहेंगे।
