“सदियों से वंचित दर्ज़ी कामगारों के लिए अभिलंब कार्यालय एवं नये योजनाएं बनाएं सरकार” – राजू वारसी
“सदियों से वंचित दर्ज़ी कामगारों के लिए अभिलंब कार्यालय एवं नये योजनाएं बनाएं सरकार” – राजू वारसी
पटना।
दर्ज़ी समाज और कामगारों के उत्थान के लिए काम कर रहे इदरिसीया दर्ज़ी फेडरेशन के प्रदेश महासचिव राजू वारसी ने कहा है कि सदियों से उपेक्षित दर्ज़ी समुदाय को आज भी सरकारी योजनाओं और सुविधाओं से वंचित रखा गया है। उनके विकास और अधिकार सुनिश्चित करने के लिए बिहार सरकार को तुरंत दर्ज़ी आर्टिजन विकास समिति का कार्यालय स्थापित करना चाहिए तथा नई योजनाएं बनानी चाहिए
वहीं इदरिसीया दर्ज़ी फेडरेशन के प्रदेश महासचिव राजू वारसी ने कहा की दर्ज़ी कामगारों के विकास के लिए 2019 में उद्योग विभाग में गठित दर्ज़ी आर्टिजन विकास समिति का अबतक कार्यालय का जगह भी नहीं मिला और योजनाएं भी अभी बहुत दूर तक कोई संभावना नहीं दिख रहा है बिहार सरकार अभिलंब दर्ज़ी कामगारों के विकास के लिए कार्यालय स्थापित करना चाहिए और नये योजनाओं से लाभान्वित किया जाना चाहिए मगर इन कामगारों को हमेशा निराशा हाथ लगती है
राजू वारसी ने कहा कि दर्ज़ी कामगार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मौजूद हैं, लेकिन उनके लिए न तो प्रशिक्षण की स्थायी व्यवस्था है और न ही सरकारी सहयोग। अगर दर्ज़ी कामगारों को संगठित कर सिलाई-परिधान उद्योग से जोड़ा जाए तो लाखों परिवारों को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
उन्होंने मांग की कि—
*1. प्रत्येक जिले में दर्ज़ी आर्टिजन विकास समिति का कार्यालय खोला जाए एवं दर्ज़ी कामगारों को सरकार से जोङने के लिए दर्ज़ी आर्टिजन विकास समिति का प्रखंड स्तर पर कमिटि निर्माण करना चाहिए*
*2. महिलाओं और युवाओं के लिए मुफ़्त सिलाई प्रशिक्षण व मशीन वितरण योजना चलाई जाए।*
*3. दर्ज़ी कामगारों को बैंक लोन, बीमा और छात्रवृत्ति योजनाओं से जोड़ा जाए।*
*4. दर्ज़ी समुदाय को सरकारी परिधान/स्कूल ड्रेस सप्लाई में प्राथमिकता दी जाए।*
5.जिला एवं प्रखंड स्तर पर दर्ज़ी कामगारों के विकास के लिए क्लस्टर स्थापित कर उद्योग लगाया जाएं
एवं अन्य
राजू वारसी ने कहा कि यदि दर्ज़ी कामगारों को मजबूत किया गया तो यह न सिर्फ़ रोज़गार सृजन में मदद करेगा, बल्कि बिहार की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान भी देगा इसलिए आचार संहिता से पहले सरकार को दर्ज़ी कामगारों के लिए कार्यालय एवं नये योजना की घोषणा कर बिहार के लाखों दर्ज़ी कामगारों को लाभान्वित किया जाना चाहिए
