दीदरगंज अंचल के राजस्व कर्मचारी पारस भास्कर के द्वारा नीतीश सरकार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
दीदरगंज अंचल के राजस्व कर्मचारी पारस भास्कर के द्वारा नीतीश सरकार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
पटना सिटी:दाखिल-खारिज व परिमार्जन के मामले में राजस्व कर्मचारी पारस भास्कर ,पशुराम सिंह की मनमानी चरम सीमा पर।
दाखिल-खारिज एवं परिमार्जन के मामले में एवं राजस्व कर्मचारियों की मनमानी चरम पर है, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। दाखिल-खारिज एवं परिमार्जन के मामले में राजस्व कर्मचारियों पारस भास्कर की मनमानी चरम पर है, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है. हालत यह है कि इनके लिए कोई नियम कानून नहीं है. अपने मन में जो आ गया, वही नियम कानून बन गया। परिमार्जन दाखिल-खारिज आदि के मामले में बिना चढ़ावे के काम नहीं किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार ही नही ऐसा है सत्य है। लोग कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं. पर उनके काम नहीं हो पा रहे हैं. इससे एक तरफ सरकार की बदनामी हो रही है, तो दूसरी तरफ लोगों में सरकार के विरुद्ध आक्रोश पैदा हो रहा है।
35 दिन व 75 दिन का है मामला : सरकार ने निर्देश दिया है कि दाखिल-खारिज एवं परिमार्जन से संबंधित मामले को 35 दिनों के अंदर या फिर अंतिम रूप से 75 दिनों के अंदर निष्पादन करना है. ताकि लोगों को सुविधा हो सके. पर ऐसा नहीं किया जा रहा है। ताकि सरकार मि बदनामी हो सके। कर्मचारी दीदरगंज पारस भास्कर को अपने आला अधिकारियो का कोई भय नही रहता। जो मन मे आता वो अपने मन से सरकार के आदेश को ताख पर रख कर कार्य करते है। इस लिए पारस भास्कर को लगातार मानो बल बढ़ता जा रहा है। और आला अधिकारियों के द्वारा कोई करवाई भी नही की जाती। राजस्व कर्मचारियों द्वारा परिमार्जन एवं किसी अधिकारी की कार्रवाई का भय नहीं हो रहा है. ऐसे में समीक्षा का कोई अर्थ नहीं रह जाता है. लोगों की परेशानी दूर होने की जगह बढ़ते ही जा रही है। राजस्व वसूली पर पड़ रहा है बड़ा असर।
